सिकंदराराऊ उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजी सिकन्दराराऊ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में व्यापारियों की कठिनाइयों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक मांग पत्र उपजिला अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मल्टीनेशनल कंपनियों के ऑनलाइन खाद्य पदार्थ सप्लाई किये जाने वाले सामान की क्वालिटी की जांच बाजारों से दुकानदारों के भरे जा रहे सेम्पलिंग के समान के अनुपात में ही की जाए। मल्टीनेशनल कंपनी के ऑनलाइन फूड सप्लाई करने वाले डिलीवरी मैन के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्यता की जाए। लाइसेंस रिनुअल में विलंब शुल्क लाइसेंस की तारीख समाप्त होने से 1 माह पूर्व लगाया जा रहा है। आग्रह है कि विलंब शुल्क लाइसेंस की अंतिम तिथि समाप्त होने के उपरांत ही लगाया जाए। पैकिंग के सामान का सैंपल फेल होने पर रिटेलर को भी अपराधी मानकर मुकदमा चलाया जाता है, जबकि पैकिंग के सामान में रिटेलर किसी तरह की कोई मिलावट नहीं कर सकता। इसलिए रिटेल के व्यापारी को बिल दिखाने पर मुकदमे में अपराधी के स्थान पर गवाह बनाया जाए । सजा व जुर्माना पैकिंग करने वाले पर ही लगाया जाए। फूड एक्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक जिले में 10 से 25 तक रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी है जिन्हें समाप्त कर ऑनलाइन पोर्टल पर फूड एक्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक जिले में एक रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी बनाई जाए। खाद्य कारोबार करने वाले से ट्रेनिंग के नाम पर 500 से 900 रूपये वसूल किए जा रहे हैं। छोटा व्यापारी इस अनावश्यक बोझ को नहीं बर्दाश्त कर पा रहा है। यदि ट्रेनिंग प्रोग्राम आवश्यक है तो सरकार की तरफ से निशुल्क ट्रेनिंग कैंप लगाया जाए। निर्माताओं से मांगी जा रही सालाना रिटर्न ऑडिट की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर आवश्यक सूचना के लिए माप तोल विभाग का पीसीआर एक्ट बना हुआ है, जिसके माध्यम से सभी पैकिंगों पर छपी सूचना की जांच की जाती है । वर्तमान में फूड एक्ट की लैब से भी पैकिंग एवं लेबलिंग एक्ट में खाद्य पदार्थों का सैंपल पास होने के बाद भी सैंपल को मिस ब्रांडेड या अघोमान घोषित किया जा रहा है। एक ही विषय पर दो विभागों से जांच सजा व जुर्माना उचित नहीं है । इसलिए फूड एक्ट में पैकिंग एंड लेबलिंग के चालान समाप्त करने की व्यवस्था की जाए। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के सभी मामलों को अदालतों में भेजा जा रहा है। एक्ट में दी गई व्यवस्था के अनुसार अधिकांश मामलों को शमन शुल्क जमा करा कर समाप्त किया जा सकता है। अधिकांश सभी विभागों में भी अनावश्यक मुकदमें आदि से बचने के लिए शमन शुल्क जमा कर मुकदमा समाप्त करने की व्यवस्था की गई है। शमन शुल्क व्यवस्था लागू करने से सरकार पर भी अनावश्यक मुकदमों के बोझ का भार कम होगा । अतः अभीहीत अधिकारी कार्यालय में शमन शुल्क जमा कराने की व्यवस्था लागू की जाए। खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल आने पर भारी सजा व जुर्माने की व्यवस्था की गई है। इसलिए सैंपल भरे जाते समय जिन बोतलों में सैंपल भरा जाता है, उन्हें स्टरलाइज किए जाने की व्यवस्था की जाए तथा व्यापारी को शीशी स्टरलाइज है, यह प्रमाण पत्र दिया जाए। मांग पत्र देने में उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजी के नगर अध्यक्ष सूरज वार्ष्णेय, विधानसभा अध्यक्ष पंकज गुप्ता, नगरचैयरमेन सुनील माहेश्वरी, नगर उपाध्यक्ष मुकुल गुप्ता, महामंत्री राहुल वार्ष्णेय , मोहित माहेश्वरी, अमित जैन, उमेशचंद्र माहेश्वरी, विकास वर्मा, आकाश शर्मा, रोहित माहेश्वरी, मीडिया प्रभारी उज्जवल माहेश्वरी, वैभव गुप्ता, मोहित माहेश्वरी उपस्थित रहे।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की समस्याओं को लेकर एसडीएम को व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
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