विमल साहित्य संवर्धक संस्था के तत्वावधान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में साइंस एजूकेशन पॉइंट पर काव्यगोष्ठी आयोजित की गई। काव्यगोष्ठी की अध्यक्षता से.नि. प्रधानाचार्य जहीरुद्दीन पीरजादा ने की और मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी हरपाल सिंह यादव उपस्थित रहे। काव्यगोष्ठी का सफल संचालन हास्यकवि पंकज पंडा ने किया।
भक्तिरस के कवि अवनीश यादव ने सरस्वती वंदना की। मुख्य अतिथि हरपाल सिंह यादव ने इस अवसर पर कहा कि कवि और शायर ही हिंदी के सच्चे सेवक हैं, जो सृजन दिन रात सृजन की यात्रा करते हैं।
अध्यक्षता कर रहे जहीरुद्दीन पीरजादा ने कहा कि हिंदी दिवस हिंदी का गौरव है, इसे जन-जन को मनाना चाहिए।
शायर कासिफ जमाल ने पढ़ा-
इसके आगे सभी लगे हैं बेअमां
इतनी प्यारी है मेरी हिंदी जुबां
हास्यकवि प्रमोद विषधर ने पढ़ा -
भारत के संस्कार सिखाती है हिंदी।
अपना यह कर्तव्य निभाती है हिंदी।।
पंकज पंडा ने पढ़ा-
देशी पीकर इंग्लिश बोलें , इंग्लिश पीकर हिंदी।
ऐसा करें करिश्मा भाषा, दोनों इंग्लिश हिंदी।।
अवशेष विमल ने पढ़ा-
जो जन जन अभिलाषा है अन्तर्मन की परिभाषा है
ऐसी हिंदी का ध्यान करें गर्वित होकर सम्मान करें।
अवनीश यादव ने पढ़ा-
हिन्दी में सम्मान है, हिंदी में है प्यार।
इसीलिए हम सब रखें, हिंदी पर अधिकार।।
काव्यगोष्ठी में शैलू यादव, देवा बघेल, सचिन कुमार, सर्वेश सर, आकाश कुमार, विक्रम यादव, चन्द्र शेखर, अभिषेक ठाकुर, जय कुमार, सौरभ यादव, शिवांश यादव, रचना, शिवानी, आयुषी, मंजीत आदि उपस्थित रहे।
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