ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की चर्चा
जिलाधिकारी अतुल वत्स व मुख्य विकास अधिकारी पी एन दीक्षित के निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या के नेतृत्व में विकासखंड सासनी में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें उनके द्वारा बाल संरक्षण सेवाएं के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सशक्त संरक्षणात्मक परिवेश का निर्माण, उचित पालन पोषण, बच्चों को हिंसा व दुर्व्यवहार से बचाने, बाल विवाह रोकथाम, परित्यक्त नवजात शिशु के मिलने पर तत्काल सूचित करने के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के बारे में चर्चा की गई।
महिला कल्याण विभाग से संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा द्वारा बैठक में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), बाल विवाह, दत्तक ग्रहण योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बाल श्रम,रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष,मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बढ़ाई गई धनराशि की 06 श्रेणियों में 25000 रुपए दिए जाने का प्रावधान है जिसमें प्रथम श्रेणी बालिका के जन्म होने पर रू० 5,000 एक मुश्त *द्वितीय श्रेणी बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त रू० 2,000 एक मुश्त तृतीय श्रेणी कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू० 3,000 एक मुश्त चतुर्थ श्रेणी कक्षा छ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू० 3,000 एक मुश्त पंचम श्रेणी कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू० 5,000 एक मुश्त, षष्टम् श्रेणी ऐसी बालिकायें जिन्होंने कक्षा 12 वी उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो रू० 7,000एक मुश्त धनराशि प्रदान की जाती है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
आईसीडीएस विभाग से प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती स्मृति दुबे द्वारा ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को सक्रिय करने और नियमित बैठक करने के साथ ब्लॉक स्तरीय अगली त्रैमासिक बैठक में सुरक्षा एवं संरक्षण की आवश्यकता की श्रेणी में आने वाले बच्चों को चिन्हित कर कार्यवृति प्रस्तुत करने के लिए आश्वस्त किया गया।
वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर फारिहा नोशी ने वन स्टाप सेंटर की कार्यप्रणाली एवं वहां प्राप्त होने वाली सेवाओं कानूनी सहायता, अस्थाई आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सीय सहायता एवं पुलिस सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर सचिन प्रताप सिंह, मुख्य सेविका ममता, थाने के बाल कल्याण अधिकारी अधिकारी आउटरीच कार्यकर्ता बंटी कुशवाह एवं विकासखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री उपस्थिति रही।
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