विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर अमोल चंद पब्लिक स्कूल में हुआ सास्कृतिक कार्यक्रम
सिकंदराराऊ 14 अगस्त 1947 को देश के विभाजन विभीषिका के स्मृति दिवस के उपलक्ष में जिला प्रशासन द्वारा लखनऊ के लोक कलाकारों द्वारा एक देश भक्ति से ओतप्रोत बलिदानी वीर शहीदों की याद में नाटक के माध्यम से नगर के अमोल चंद पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर मंचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंध निदेशक विपिन वार्ष्णेय ने की तथा संचालन शिल्पी माहेश्वरी ने किया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए जिले से पधारे प्रशासनिक अधिकारी जुगल शर्मा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित पूर्व सभासद चेतन शर्मा आदि ने संयुक्त रुप से मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा भी मां सरस्वती की वंदना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ देशभक्ति से ओतप्रोत अनेक शानदार प्रस्तुति देकर जमकर वाहवाही लूटी। लखनऊ से पधारे लोक कलाकारों द्वारा रागनी गाकर देश के अमर बलिदानी शहीदों स्वाधीनता सेनानियों की वीर गाथाओं का गायन एवं नाटक के माध्यम से बहुत सुंदर मंचन किया अंत में कार्यक्रम के अतिथि सुनील गुप्ता ने देश के विभाजन विभीषिका को देश की एकता अखंडता के लिए अभिशाप बताया 14 अगस्त 1947 को अंग्रेजी हुकूमत ने इस देश से पाकिस्तान और बांग्लादेश को अलग देश बना कर बटवारा के माध्यम से देश के विभाजन की विभीषिका रची। विद्यालय परिवार के प्रबंध निदेशक भाई विपिन वार्ष्णेय ने अपने उद्बोधन में कहा सन 1876 से पहले भारत देश पूरे विश्व का सबसे ज्यादा शक्तिशाली सनातन संस्कृति को मानने वाला देश था यहां अमन चैन भाईचारा की अटूट मिसाल थी। ब्रिटिश हुकूमत मुगल शासकों द्वारा इस देश को खंड खंड करने की योजना 1876 में अफगानिस्तान 1904 में नेपाल 1906 में भूटान 1914 में तिब्बत 1937 में ब्रह्मदेश म्यामार और 1947 में बांग्लादेश और पाकिस्तान बनाकर संपूर्ण विश्व पर राज करने वाला भारत देश को कई टुकड़ों में बंटवारे के तहत खंड खंड कर दिया। ब्रिटिश हुकूमत मुगल शासकों द्वारा एक सोची-समझी षड्यंत्र के तहत भारत को खंड खंड करने का प्रयास किया जाता रहा । देश के सत्ताधीश द्वारा सत्ता लोलुपता के चलते देश के बंटवारे को खंड खंड कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सभी आगंतुक अतिथियों गणमान्य व्यक्तियों अभिभावकों का पटका पहनाकर स्वागत सम्मान अभिनंदन किया। इस अवसर पर शिव कुमार जैन, मीरा माहेश्वरी, चंचल गुप्ता, विकास कुमार, चेतन शर्मा दीपक सक्सेना आदि लोग मौजूद रहे।


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