वास्तव में ब्राह्मण सनातन धर्म का ध्वजवाहक है: मित्रेश चतुर्वेदी राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के स्थापना दिवस पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन
वास्तव में ब्राह्मण सनातन धर्म का ध्वजवाहक है: मित्रेश चतुर्वेदी राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के स्थापना दिवस पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन
सिकंदराराऊ ब्राह्मणपुरी स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर सनातन धर्म एवं ब्राह्मण समाज की आवाज बन चुके संगठन राष्ट्रीय विप्र एकता मंच का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक संगोष्ठी संपन्न हुई जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का ब्राह्मण बंधुओं द्वारा अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करके किया । राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय विप्र एकता मंच संगठन के प्रति ब्राह्मण समाज के सभी लोगों के समर्पण के कारण ही आज यह संगठन पूरे देश में ब्राह्मण समाज के हित में कार्य कर पा रहा है और पीड़ित ब्राह्मणों की आवाज बन चुका है। सभी के योगदान से ही पीड़ित ब्राह्मणों को न्याय दिलाने का काम हमारे संगठन ने किया है। बात चाहे ब्राह्मण समाज पर उंगली उठाने की हो या सनातन धर्म को नीचा दिखाने का कुत्सित प्रयास किया जाए, हर जगह राष्ट्रीय विप्र एकता मंच ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज सनातन धर्म का मूल तत्व है और वास्तव में ब्राह्मण सनातन धर्म का ध्वजवाहक है। जब भी सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास किया गया है तो राष्ट्र विरोधी शक्तियों ने ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया है। ब्राह्मणों के प्रति दुष्प्रचार किया गया है। जबकि ब्राह्मण कभी स्वार्थी नहीं रहा। ब्राह्मण ने परोपकार की भावना से सनातन धर्म के समस्त अंगों , सभी जाति धर्म वर्ग के लोगों के हित में बिना किसी भेदभाव के कार्य किया है। आदिकाल से ही ब्राह्मण ने राष्ट्र और सनातन संस्कृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भली-भांति निर्वहन किया है। ब्राह्मण कभी जातिवादी नहीं रहा है। ब्राह्मण ने समाज को संस्कार देने का काम किया है। इस अवसर पर विजयवर्ती पाठक, विष्णुकांत दीक्षित, दुर्गादत्त उपाध्याय, राकेश उपाध्याय , राजीव चतुर्वेदी, मोहित उपाध्याय, ध्रुव दीक्षित, विनय चतुर्वेदी, सचिन पचौरी, श्री कृष्ण दीक्षित फौजी, नरेश चतुर्वेदी, शरद शर्मा, शिवहरी शर्मा, उत्कर्ष पाठक , देव शर्मा, नीरज शर्मा , रितिक पांडेय, शशांक दीक्षित , किशन उपाध्याय, विनय शर्मा , हरिओम शर्मा आदि मौजूद रहे

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें