चिंतन , मनन और आचरण से उपजे विचारों की होगी जीत: उदय पुंढीर स्कूटी , लैपटॉप और टेबलेट पाकर बेटियों के खिले चेहरे
चिंतन , मनन और आचरण से उपजे विचारों की होगी जीत: उदय पुंढीर स्कूटी , लैपटॉप और टेबलेट पाकर बेटियों के खिले चेहरे
सिकंदराराऊ
सशक्त बेटी, सुन्दर समाज अभियान के अंतर्गत गांव इकबालपुर स्थित राजकमल पब्लिक स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में लड़कियों की प्रतिभा देख लोग उनके कायल हो गये। लिखित प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता एवं संवाद प्रतियोगिता में बालिकाओं ने बेटियों के सशक्तिकरण को लेकर अपने भाव प्रकट किये। इस अवसर पर बेटियों को तीन स्कूटी, लैपटॉप एवं टेबलेट बांटे गए। जिन्हें पाकर बेटियों के चेहरे खिल उठे। 2-2 पुरस्कार प्रतिभा की परख के आधार पर प्रदान किए गए। जबकि 1-1 स्कूटी, लैपटॉप एवं टेबलेट लकी ड्रॉ के आधार पर प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक समाजसेवी उदय पुण्ढीर एवं मोहन बृजेश वैद्य तथा राजकमल स्कूल के एमडी राजकुमार सिंह राठौर ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया।
अतिथियों द्वारा चित्रांक्षा परमार, राधिका माहेश्वरी एवं शिवांगी को स्कूटी एवं आरती , गौरी शर्मा व खुशी माहेश्वरी को लैपटॉप और दीक्षा यादव, अद्वितीय राजपूत एवं अनामिका को टेबलेट प्रदान किया गया।
कार्यक्रम आयोजक उदय पुंढीर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चियों में प्रतिभा जगाना है। सामाजिक सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है। सशक्त बेटी सुन्दर समाज की कल्पना तभी साकार होगी। पिछले 10 वर्षों में यह कार्यक्रम कर रहे हैं। बेटियों को प्रश्न दिये जाते हैं, उनके उत्तर के आधार पर उनकी योग्यता की परख की जाती है । उनसे सवाल-जवाब भी किए जाते हैं। बेटियां और पूरा समाज अपने भीतर आत्ममंथन करें । चिंतन मनन और आचरण से उपजे विचारों की होगी जीत यह हमारी टैगलाइन है। अच्छे विचारों पर चिंतन और मनन करें और उसके आधार पर समाज का निर्माण करें। दूसरों को दोष देने के बजाय स्वयं अच्छे काम करने की पहल करें । हम कुछ अच्छा करने की शुरुआत करें।
राजकुमार पब्लिक स्कूल के एमडी राजकुमार सिंह राठौर ने कहा कि आदिकाल से ही भारतीय संस्कृति में नारी का सर्वोच्च स्थान रहा है। नारी पूजनीय रही है। वर्तमान में भी महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बेटियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सफलताएं अर्जित कर के दिखाई हैं। लेकिन अभी समाज में बदलाव लाने के लिए और अधिक प्रयास की आवश्यकता है । बेटियों को अपने अंदर सकारात्मक सोच रखते हुए आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील पुंडीर ने किया। इस अवसर पर मोहन बृजेश वैद्य, संतोष पुंडीर, अरविंद भारद्वाज, देवेंद्र दीक्षित शूल, नीलम सिंह राठौर , प्रोफेसर भगवान गौड, देवकांत कौशिक , पुष्पेंद्र पुंडीर, प्रभात मोहन भारद्वाज, देवदत्त वर्मा, नीलम सिंह राठौर, प्रमोद विषधर, ओम प्रकाश सिंह एडवोकेट, प्रशांत शर्मा , देवेश शर्मा, राजीव पुंडीर, विक्रम सिंह , नीरज कुमार पुंडीर, राजेश पुंडीर, अमित द्विवेदी, डॉ उपेंद्र कुमार, कृष्णकांत कौशिक , नवीन कुमार , संदीप चौहान, सर्वेश कुमार द्विवेदी, गिरीश राजपूत, नितिन भारद्वाज, सत्य प्रकाश सत्य , रिंकू शर्मा, मीरा माहेश्वरी, शिव सिंह प्रधान, शिल्पी माहेश्वरी, धर्मेंद्र त्यागी, कमलेश शर्मा , हिना वार्ष्णेय, रविंद्र सिंह यादव, सुशीला चौहान , शशीवाला वार्ष्णेय, मोहर सिंह , धर्मेंद्र सिंह, रूप किशोर भारद्वाज, अंकित पुंडीर, राजभान सिंह, नत्थू राम शर्मा, सोनू चौहान आदि मौजूद रहे ।



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