एक ही गैंग ने दी थीं हत्या, डाकघर चोरी एवं बैंक सेंधमारी जैसी तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम, हाथरस पुलिस ने किया बेनकाबहाथरस।
एसओजी टीम, एंटी थेफ्ट टीम एवं थाना सहपऊ पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में सराहनीय सफलता प्राप्त की है। थाना सहपऊ क्षेत्रान्तर्गत हनुमान टीला बाबा हत्याकांड, डाकघर चोरी एवं कैनरा बैंक सेंधमारी की तीनों संगीन घटनाओं का सफल अनावरण करते हुए 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार एवं 1 बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल (सरिया व ईंट) तथा चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए गए। ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी, हाथरस पुलिस द्वारा तीन संगीन वारदातों का खुलासा किया गया।
*प्रकरण-01 : हनुमान टीला बाबा हत्याकांड*
दिनांक 08.06.2026 को वादी श्री प्रबल कुमार पुत्र स्व. वीरेन्द्र सिंह शर्मा निवासी नगला सुखराम थाना सहपऊ द्वारा सूचना दी गई कि उनका छोटा भाई दिलीप कुमार उर्फ चन्दो लाला विगत लगभग सात माह से हनुमान टीला मंदिर पर रहकर सेवा-पूजा करता था। दिनांक 07/08.06.2026 की रात्रि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सिर पर ईंट, पत्थर एवं अन्य हथियारों से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी गई। सूचना के आधार पर थाना सहपऊ पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।
*प्रकरण-02 : डाकघर से स्वैप मशीन चोरी*
दिनांक 20.07.2026 को उप डाकपाल श्री विनोद कुमार बघेल द्वारा सूचना दी गई कि डाकघर सहपऊ में अज्ञात चोर अलमारी से एसबीआई पेमेंट स्वैप मशीन चोरी कर ले गए हैं। सूचना पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई।
*प्रकरण-03 : कैनरा बैंक सेंधमारी*
दिनांक 23.07.2026 को शाखा प्रबंधक कैनरा बैंक सहपऊ द्वारा सूचना दी गई कि बैंक भवन की दीवार तोड़कर अज्ञात व्यक्तियों ने बैंक में प्रवेश किया तथा चोरी के उद्देश्य से बैंक परिसर में तोड़फोड़ की। सूचना के आधार पर थाना सहपऊ पर अभियोग पंजीकृत कर जांच प्रारम्भ की गई।
*पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला विशेष ऑपरेशन*
इन तीनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा स्वयं प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक श्री रामानन्द कुशवाहा के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सादाबाद के पर्यवेक्षण में कुल 5 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इनमें एसओजी, एंटी थेफ्ट टीम, सर्विलांस टीम, थाना सहपऊ पुलिस एवं तकनीकी विश्लेषण टीम को सम्मिलित कर प्रत्येक टीम को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
घटना के अनावरण हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिदिन समीक्षा बैठकें कर टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा प्रत्येक तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य का वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया। किसी भी बिंदु को नजरअंदाज न करते हुए विवेचना को पूरी तरह साक्ष्य आधारित रखा गया।
जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। कस्बा सहपऊ, मुख्य मार्गों, बाजारों, बैंक, डाकघर, मंदिर, विद्यालयों, सार्वजनिक एवं निजी प्रतिष्ठानों सहित आसपास के क्षेत्रों में लगे कैमरों की हजारों मिनट की रिकॉर्डिंग का फ्रेम-टू-फ्रेम विश्लेषण किया गया। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों, आने-जाने के रास्तों, समय-क्रम एवं मूवमेंट पैटर्न का मिलान कर महत्वपूर्ण सुराग विकसित किए गए। इसके साथ ही यक्ष (YAKSH) ऐप की मदद ली गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों के आवागमन, लोकेशन, आपसी संपर्क, डिजिटल ट्रेल एवं अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया गया। यक्ष ऐप से प्राप्त सूचनाओं का, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस इनपुट, मोबाइल डेटा, ग्राउंड इंटेलिजेंस एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मिलान कर घटनाओं की कड़ियां जोड़ी गईं, जिससे विवेचना निर्णायक दिशा में आगे बढ़ी।
पुलिस टीमों ने लगातार कई दिनों तक क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की, संभावित ठिकानों पर दबिश दी तथा घटनास्थलों का बार-बार निरीक्षण कर प्रत्येक छोटे-बड़े साक्ष्य का वैज्ञानिक परीक्षण कराया। तकनीकी साक्ष्य एवं मानवीय सूचना के समन्वय से यह स्पष्ट हुआ कि तीनों घटनाओं को एक ही गैंग द्वारा अंजाम दिया गया था। लगातार अथक परिश्रम, ग्राउंड इंटेलिजेंस, टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी विश्लेषण, यक्ष ऐप से प्राप्त इनपुट तथा वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर दिनांक 28.07.2026 को एसओजी टीम, एंटी थेफ्ट टीम एवं थाना सहपऊ पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में करन कुमार पुत्र अजय मेहरा निवासी मोहल्ला पुरानी बस्ती जाटवपुरी, कस्बा एवं थाना सहपऊ, जनपद हाथरस, सनी उर्फ धांसू पुत्र रामगोपाल निवासी मोहल्ला जाटवपुरी नई बस्ती, कस्बा एवं थाना सहपऊ, जनपद हाथरस तथा 1 बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सरिया, ईंट एवं चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए गए।
*पूछताछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा पूछताछ के दौरान जुर्म स्वीकार करते हुए बताया गया कि तीनों आपस में घनिष्ठ मित्र हैं तथा अक्सर साथ रहते एवं शराब का सेवन करते थे। बाल अपचारी कम्प्यूटर का कार्य करता है। शाम के समय करन एवं बाल अपचारी हनुमान टीला मंदिर के पास स्थित पार्क में बैठते थे। इसी दौरान उन्हें जानकारी हुई कि हनुमान टीला मंदिर पर दिनांक 12.06.2026 से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होना है तथा श्रद्धालुओं द्वारा कथा के लिए चंदा एकत्र किया जा रहा है। भागवत कथा के पम्पलेट देखकर उन्हें विश्वास हो गया कि मंदिर में पर्याप्त धनराशि होगी। इसी लालच में उन्होंने चोरी की योजना बनाई।
दिनांक 07/08.06.2026 की रात्रि करन एवं बाल अपचारी सरिया लेकर मंदिर पहुँचे। दोनों ने सोते समय बाबा दिलीप कुमार उर्फ चन्दो बाबा के तकिये के नीचे रखी चाबी निकालने का प्रयास किया, किन्तु बाबा जाग गए और दोनों को पहचान लिया। पहचान उजागर होने के भय से अभियुक्तों ने सरिया एवं ईंट से बाबा के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद उन्होंने बाबा की जेब की तलाशी ली, किन्तु रुपये नहीं मिले। जल्दबाजी में आधार कार्ड उठा ले गए, जिसे बाद में झाड़ियों में फेंक दिया। हत्या में प्रयुक्त सरिया एवं ईंट भी मंदिर के पीछे झाड़ियों में छिपा दी गई थी।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि हत्या के बाद भी आर्थिक लाभ न मिलने पर उन्होंने पुनः चोरी करने की योजना बनाई। दिनांक 19/20.07.2026 की रात्रि तीनों अभियुक्त डाकघर सहपऊ पहुँचे तथा जंगला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। नकदी न मिलने पर उन्होंने एसबीआई की स्वैप मशीन चोरी कर ली। बाद में मशीन से पैसे निकालने का प्रयास किया, किन्तु असफल रहने पर मशीन को तोड़ दिया तथा उसके कुछ पार्ट्स अपने पास रख लिए और शेष मशीन को पुल के नीचे खजूर के पेड़ के पास फेंक दिया।
इसके उपरांत दिनांक 22/23.07.2026 की रात्रि तीनों ने कैनरा बैंक सहपऊ में सेंधमारी की योजना बनाई। जनता इंटर कॉलेज के पीछे स्थित खण्डहर वाले रास्ते से विद्यालय की छत पर चढ़कर बैंक की दीवार सब्बल से तोड़ी गई। मुंह पर कपड़ा बांधकर दो अभियुक्त बैंक के भीतर घुसे, जबकि तीसरा अभियुक्त बाहर निगरानी करता रहा। बैंक के भीतर सभी रैक, केबिन एवं अन्य स्थानों की तलाशी लेने के बावजूद कोई नकदी अथवा मूल्यवान वस्तु हाथ नहीं लगी। लगभग बीस मिनट बाद तीनों घटनास्थल से फरार हो गए तथा प्रयुक्त सब्बल को विद्यालय के पीछे खण्डहर में फेंक दिया।
पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, यक्ष (YAKSH) ऐप से प्राप्त इनपुट, ग्राउंड इंटेलिजेंस एवं अभियुक्तों की निशानदेही के आधार पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल (सरिया एवं ईंट) तथा चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए गए। बरामदगी एवं अभियुक्तों के बयान से तीनों घटनाओं का सफल अनावरण हुआ।
गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है तथा अन्य संभावित घटनाओं में उनकी संलिप्तता के संबंध में भी गहन पूछताछ जारी है। पुलिस द्वारा विधिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है।
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