शासन की मंशा के अनुरूप दिनांक 12 जुलाई 2026 को वृक्षारोपण महाअभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा, विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया तथा जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित के अलावा संबंधित अधिकारियों की उपस्थित में वृक्षारोपण महाअभियान के संबंध में विचार विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप पौधारोपण सुनिश्चित करने, पौधों के सुरक्षित उठान, वैज्ञानिक विधि से रोपण तथा उनकी नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि लगाए गए पौधों का अधिकतम जीवित रहना सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग समय से पौधों का उठान कर निर्धारित स्थलों पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। अभियान के अंतर्गत एक पेड़ गुरु के नाम, महर्षि चरक औषधि वन, वंदे मातरम् वाटिका, कपि वन, समृद्धि वन, भाई-बहन वाटिका सहित विभिन्न थीम आधारित वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस महाअभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, स्वयं सहायता समूहों, पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाया जा सके।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि वन विभाग से एक हजार पौधे प्राप्त कर पुलिस लाईन में निवासित पुलिस परिवारों के परिजनों/बच्चों के माध्यम से पौध रोपण कराया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश चन्द्र यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा इस वर्ष आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसी क्रम में हाथरस को 23.45 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अभियान में सर्वाधिक लक्ष्य वन विभाग (4.71 लाख), ग्रामीण विकास विभाग (9,41,000), कृषि विभाग (2,79,000), पर्यावरण विभाग (1,07,000), उद्यान विभाग (1,45,000), पंचायती राज विभाग (1,03,000) तथा राजस्व विभाग (73,000) को आवंटित किया गया है। जनपद के सभी विकास खंडों में स्थित वन विभाग की 11 पौधशालाओं में पर्याप्त संख्या में पौधे उपलब्ध हैं। इनमें आम, अमरूद, जामुन, बेल, महुआ, नींबू, कटहल, सहजन, इमली, अनार, पीपल, बरगद, अर्जुन, नीम, शीशम, सागौन, गुलमोहर, अमलतास, अशोक, कचनार सहित अनेक फलदार, पर्यावरणीय, इमारती एवं छायादार प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं। वन विभाग द्वारा सभी विभागों को ऑनलाइन इंडेंट जारी कर दिए गए हैं।
बैठक के दौरान जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, उप निदेशक कृषि, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, नगर पंचायत आदि उपस्थित रहे।
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