बेसिक शिक्षा विभाग के 11 एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 4 शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को जिलाधिकारी ने प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड का वितरण
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, डीबीटी वितरण एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एओयू के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में कार्यक्रम का अयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं डीबीटी वितरण कार्यक्रम, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एओयू के संबध में काशी में मुख्यमंत्री के आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में प्रदर्शित किया गया। उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन का भी सजीव प्रसारण देखा और सुना।
इस मौके पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन पर बधाई देते हुये कहा कि शिक्षा विभाग को दी गई यह महत्वपूर्ण सौगात शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ किसी के साथ भी हो सकती हैं और ऐसे समय में कैशलेस चिकित्सा योजना आर्थिक एवं मानसिक संबल प्रदान करेगी। यह योजना स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिलाधिकारी ने उपस्थित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे किसी भी सहकर्मी के कठिन समय में स्वेच्छा से सहयोग के लिए आगे आएँ, जिससे उसके परिवार एवं बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यालयों का वातावरण जितना बेहतर होगा और शिक्षा की गुणवत्ता जितनी उच्च होगी, उतनी ही अधिक बच्चों की विद्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही कहा कि शिक्षण कार्य को केवल सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही समाज की आधारशिला है। शिक्षक बच्चों के ऐसे मार्गदर्शक बनें कि वे भविष्य में समाज के जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरणादायी पुस्तक ‘‘अग्नि की उड़ान’’ भी भेंट की तथा आभार व्यक्त करने के साथ ही धन्यवाद ज्ञापित किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जनपद के शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों, रसोइयों तथा अन्य कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक ने योजना के क्रियान्वयन एवं एमओयू से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कैशलेस चिकित्सा योजना लागू होने से शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों, रसोइयों तथा उनके परिवारों को बीमारी की स्थिति में उपचार संबंधी आर्थिक चिंता से बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित शिक्षक, शिक्षिकाएँ, अनुदेशक, शिक्षा मित्र, रसोइये एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन मोनिका गौतम ने किया। कार्यक्रम की समुचित व्यवस्थाओं में वरिष्ठ लिपिक बलवंत सिंह मौर्य, जिला समन्वयक एस.एन. सिंह, दुष्यंत गौतम, हेमंत सेंगर, वरुण (लेखाकार), आरिफ खान सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
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