निबंधन विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में 22वें दिन थाली चम्मच बजाकर किया प्रदर्शन एवं हवन बुद्धि शुद्धि यज्ञ का आयोजन
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का संयुक्त आंदोलन बुधवार को 22 वें दिन भी पूरे उत्साह और एकजुटता के साथ जारी रहा। उप-पंजीयक कार्यालय परिसर में आयोजित रहा धरना-प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार निजीकरण का प्रस्ताव पूरी तरह वापस नहीं लेती, तब तक उनका लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष निरंतर जारी रहेगी। काले कानून लागू करने के विरोध में थाली चम्मच बजाकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए नगर में भ्रमण किया। साथ ही सरकार और राजस्व मंत्री की बुद्धि शुद्धि हेतु यज्ञ किया गया।
धरने की अध्यक्षता दिनेश चौहान शोला ने की तथा संचालन गौरी शंकर गुप्ता एडवोकेट ने किया। दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. चौहान 'शोला' एडवोकेट ने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों, पारदर्शी व्यवस्था और रोजगार की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेना चाहिए।
आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि जनता के हितों, रोजगार की सुरक्षा और सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने का संघर्ष है।
इस अवसर पर सचिव राजेश बघेल,युवराज सिंह चौहान,गौरी शंकर गुप्ता, महेंद्र सिंह यादव,जय प्रकाश गुप्ता, महेश चन्द्र अंजाना, जितेंद्र कुमार, हुकुम सिंह बघेल,रमेश शर्मा, केएम कुलश्रेष्ठ, ब्रजेश पाठक,अरविंद कुमार शर्मा,महेंद्र सिंह यादव, विपिन कुमार,रंजीत पौरुष, गिरीश यादव ,समीर यादव, विजय उपाध्याय, भगवान सिंह,रूपेंद्र कुमार बघेल,प्रियांशू दरगढ़, दीपेश पाठक, कोमल सिंह, श्यामरूप यादव, तौकीर खान, अजीत चौहान, आनन्द कुमार,देवेन्द्र कुमार संत, धनीराम कातिब, श्रीनिवास कातिब, राजकुमार सुशील कातिब आदि मौजूद थे।
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