यदि ट्रॉमा सेंटर विधायक का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' था, तो 9 वर्षों तक पूरी तरह चालू क्यों नहीं हुआ? : डॉ. राकेश सिंह राना
पूर्व एमएलसी डॉ. राकेश सिंह राना ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर को विधायक का "ड्रीम प्रोजेक्ट" बताना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री स्वर्गीय अहमद हसन से अनुरोध कर ट्रॉमा सेंटर की स्वीकृति और धनराशि उपलब्ध कराई गई तथा वर्ष 2016 में भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका।
डॉ. राना ने कहा कि वर्ष 2017 से लगातार भाजपा सरकार और भाजपा विधायक होने के बावजूद ट्रॉमा सेंटर वर्षों तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका। यदि यह वास्तव में विधायक का ड्रीम प्रोजेक्ट था, तो नौ वर्षों तक इसे पूर्ण रूप से संचालित क्यों नहीं कराया गया?
उन्होंने कहा कि 16 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक चलाए गए हस्ताक्षर अभियान, गांव-गांव बैठकों और जनदबाव के बाद प्रशासन ने ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर तैनात कर संचालन शुरू कराया। इसके बावजूद आज भी विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयों और जांच मशीनों की कमी बनी हुई है।
डॉ. राना ने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की सचमुच चिंता है, तो 2027 के चुनाव से पहले ट्रॉमा सेंटर को सभी मानकों के अनुरूप पूर्ण रूप से संचालित कराएं और वाजिदपुर, मऊ, पोरा, महो सहित क्षेत्र के सीएचसी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, दवाइयों और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जनता केवल दावों पर नहीं, काम पर विश्वास करती है।
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