महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्या-प्रो शैफाली सुमन के कुशल मार्गदर्शन एवं डॉ अजब सिंह के तत्वावधान में “भारत में प्रदेशों के भौगोलिक व सामाजिक आधार पर विद्यमान आर्थिक एवं सामाजिक दूरी पर प्रोधोगिकी दूरी का प्रभाव- लाभ, हानि एवं उपाय” विषय पर विस्तृत परिचर्चा का आयोजन किया गया , जिसमें छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
अपने विचार व्यक्त करते हुए समारोह- प्रभारी- डॉ अजब सिंह ने कहा कि भारत एक विविधताओं से भरा देश है जहाँ भौगोलिक और सामाजिक असमानताएँ लंबे समय से मौजूद हैं, जो इसके आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को आकार देती हैं। पिछले कुछ वर्षों में, प्रौद्योगिकी एक शक्तिशाली शक्ति के रूप में उभरी है, जिसनें इन असमानताओं को कुछ हद तक कम करने का अवसर दिया है, लेकिन साथ ही एक नवीन चुनौती "तकनीकी दूरी" भी उत्पन्न हो गई है। यहाँ तकनीकी दूरी से मतलब तकनीकी संसाधनों, ज्ञान, और इंटरनेट तक पहुँच में असमानता से हैI यह तकनीकी दूरी भारत के विभिन्न राज्यों, वर्गों और क्षेत्रों के बीच आर्थिक और सामाजिक अंतर को और भी गहरा बना सकती है। समाधान के रूप में, सरकार को ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली और डिजिटल संसाधनों को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक केंद्रों में डिजिटल शिक्षा को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म को स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में भी उपलब्ध कराना चाहिए। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत कंपनियों को तकनीकी पहुंच बढ़ाने में सहयोग देना चाहिए।
प्रो रामबहादुर ने कहा कि सरकार डिजिटल गैप को कम करने के लिए सरकार द्वारा सतत रूप से प्रयास किये जा रहे हैं I डिजिटल ढांचागत विकास एक बड़ा कार्य है अतः इसमें अभी काफी समय लगेगा I अन्य विद्वान प्राध्यापकों द्वारा भी विचार व्यक्त किये गये I
अंत में,अपने उद्बोधन में प्राचार्या, डॉ शैफाली सुमन ने कहा कि डिजिटल समानता के लिए महिलाओं और अनुसूचित जाति, जनजातियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यदि सभी को समान तकनीकी अवसर प्रदान किए जाएँ, तो भारत की समावेशी प्रगति संभव है।
छात्र छात्राओं में से इस परिचर्चा में आशीष चौहान, गौरव, भूमिका, दीक्षा,अब्बास, एजाज़, साजिद राम औतार, प्रदीप, आयुष, विकास वर्तिका, आयुषी, पूनम, भूमि, डिम्पल कीर्ति, भव्य, अली, एवं आशीष कुमार ने भाग लिया I
कार्यक्रम में छात्र छात्राओं के अलावा महाविद्यालय परिवार से प्रो राम बहादुर, डॉ हिमांशु राय, डॉ वी पी सिंह, आदि उपस्थित रहे I
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