भाईचारा सेवा समिति के तत्वावधान में एक काव्य गोष्ठी तहसील परिसर में समाजसेवी हरपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई तथा संचालन कवि अवशेष विमल ने किया।
मुख्य अतिथि के रुप में हाथरस से पधारे प्रसिद्धि शायर राजबहादुर सिंह राज उपजिलाधिकारी व विशिष्ट अतिथि भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश यादव संघर्षी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव, शायर आतिश सोलंकी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आमन्त्रित सभी अतिथि,समाजसेवियों, कवियों को आयोजन समिति द्वारा सम्मानित किया ।
प्रसिद्ध शायर राजबहादुर सिंह राज ने पढा
रोज नया ही मंजर देखा, उसको खुद के अंदर देखा
उठना गिरना और सँभलना, सीखा चींटी बनकर देखा
शायर आतिश सोलंकी ने पढा
अंधेरे रुठ न जाये मुझसे बो काम करता हूँ
मुशीबतों को मैं यारों सलाम करता हूँ
कवि महेश यादव संघर्षी ने पढ़ा
मैं गंगा हूं मैं पावन हूं मगर सागर से डर मुझको
नीर मीठे को खाराकर रतन नीलाम ना कर दे
शायर शिवम् अश्क ने पढा
कुछ लोग मेरी मौत पर आंसू बहाने आये
कुछ गुलाब अपने काँटों का दर्द बताने आए
कवि अवशेष विमल ने पढ़ा
कल्पना से परे है तुम्हारे नयन
भावना से भरे है तुम्हारे नयन
कवि धीरु वर्मा ने पढा
माँ की ममता में इतने दुलारे हैं
उसके आँचल में बचपन गुचारे हैं
काव्य गोष्ठी में रिंकू यादव,देवा बघेल, गौरव यादव एडवोकेट, डॉ अवधेश कुमार, अखिलेश शास्त्री, डॉ राहुल कुमार, डॉ.संजय कुमार, श्रीनिवास मुनीम जी, दिनेश कुमार, मनोज सविता, ज्ञानेन्द्र चौहान, विशाल गोला, देवेन्द्र बघेल, सत्यवीर यादव एडवोकेट, जितेन्द्र एडवोकेट, नबाब अहमद कुरैशी, संजीव यादव, राजकुमार जाटव, संदीप कुमार, प्रमोद कुमार, मृदुल यादव एडवोकेट, राहुल यादव, सुधीर यादव व प्रशांत यादव आदि मौजूद थे।
@samachar24news

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