साक्षरता अभियान, जब पढेगा भारत-तब ही बढेगा भारत, दीप से दीप जलायेंगे-साक्षर भारत बनायेंगे, शिक्षा ऐसी महान हैं-व्यक्ति का बदलता जहान हैं। शिक्षा हमें जगाती हैं-शोषण से बचाती है,रोटी कपड़ा और मकान-शिक्षा से जीवन बनेगा महान। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स द्वारा बच्चों को शिक्षित करने के लिए एक सार्थक प्रयास प्रारंभ किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने बताया कि एडीएचआर द्वारा बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। ईंट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे वहीं पर मिट्टी में खेलते रहते हैं और उनका जीवन अंधकार की ओर चला जाता है । वहां तक शिक्षा नहीं पहुंच पा रही है और ना ही वह शिक्षा के मंदिर तक पहुंच पा रहे हैं । उन मजदूरों के बच्चों के लिए एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स द्वारा एडीएचआर पाठशाला का शुभारंभ किया जा रहा है जिसमें 4 से 10 वर्ष तक के बच्चों को वहीं ईट भट्टों पर ही शाम को 2 घंटे की क्लास जिसमें उनके लिए बेसिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी । वह बच्चे कम से कम अपना नाम लिखना, शब्दों को पढ़ना, हिसाब लगाना अन्य जरूरी ज्ञान जो जीवन जीने के लिए शिक्षा की आवश्यकता है, उनको वहां पर उपलब्ध कराएगी ।2 घंटे की क्लास ट्यूटर के माध्यम से उनको दिलाई जायेगी । किताब, कॉपी, पेंसिल, बस्ता आदि जरूरी संसाधन दिलाकर कराया जाएगी जिससे भविष्य में उनके अंदर शिक्षा का अलख जगे और वह पढ़ाई की ओर प्रेरित हो, ऐसी सोच को लेकर एडीएचआर पाठशाला का शुभारंभ किया जा रहा है । हम लोग सभी ईट भट्टों पर एडीएचआर पाठशाला का आयोजन प्रारंभ कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष उपवेश कोशिश ने बताया कि एडीएचआर पाठशाला मजदूरों के बच्चों के मन में शिक्षा के लिए अलख जगायेगी और एडीएचआर का उद्देश्य हर बच्चा शिक्षित हो। इस एडीएचआर पाठशाला की शुरुआत 21 अप्रैल सोमवार दोपहर 3:30 बजे से वैष्णो ईट उद्योग टुकसान पर प्रारंभ की जा रही है।
जिला महासचिव शैलेंद्र सांवलिया ने बताया कि ईट भट्टों पर कार्यरत मजदूरों के बच्चों का भविष्य अंधकार में दिखता है। एडीएचआर शिक्षा के माध्यम से उजाले की ओर ले जाने का प्रयास करेगी।
जिला कोषाध्यक्ष कमलकांत दोबरावाल ने कहा कि शिक्षा बच्चों के बेहतर जीवन की कुंजी है। शिक्षा बिना सब शून्य है। मनुष्य का जीवन बिना शिक्षा के पशु के समान है।
क्लास प्रभारी एवं सदस्य एडीएचआर प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं। यह हर बच्चे का संवैधानिक अधिकार है, जो प्रत्येक बच्चे को मिलना चाहिए।
प्रेसवार्ता मे राजेश वार्ष्णेय, भानु प्रकाश, अमन बंसल आदि उपस्थित रहे।
@samachar24news

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