भारत रत्न डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की 134 वीं जयंती के अवसर पर ओढ़पुरा तिराहा स्थित पंचतीर्थ डा0 भीमराव रामजी आंबेडकर पार्क में सासंद की अध्यक्षता में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत रत्न डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की 134 वीं जयंती के अवसर पर ओढ़पुरा तिराहा स्थित पंचतीर्थ डा0 भीमराव रामजी आंबेडकर पार्क में सासंद, भाजपा जिलाध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, सहित अन्य उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा पूर्वक नमन किया।
भारत रत्न डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर जी की 134 वीं जयंती के अवसर पर ओढ़पुरा तिराहा स्थित पंचतीर्थ डा0 भीमराव रामजी आंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सासंद अनूप प्रधान वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, राष्ट्रीय लोक दल जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, जिलाधिकारी राहुल पांडेय, पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा सहित अन्य उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा पूर्वक नमन किया।
सांसद ने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा भव्य कार्यक्रम के आयोजन पर आयोजकों को बधाई दी। सांसद ने उपस्थित लोगों से बाबा साहब के मूल मंत्र ‘‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’’ पर अमल करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार थे, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के प्रबल पक्षधर भी थे। आज का दिन हमें यह स्मरण कराता है कि समतामूलक समाज की स्थापना के लिए हमें निरंतर प्रयास करते रहना है। उनके विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम डॉ0 आंबेडकर के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं और एक सशक्त, समान और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान दें।
जिलाधिकारी ने डॉ0 आंबेडकर के जीवन, उनके संघर्षों एवं संविधान निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ0 आंबेडकर का जीवन हमें समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करता है। आज हम सब यहां भारत रत्न डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर एकत्र हुए हैं। यह दिन न केवल एक महापुरुष के जन्मदिवस का प्रतीक है, बल्कि यह हमें उनके विचारों, संघर्षों और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक संदेशों को आत्मसात करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने जीवन भर शोषण, भेदभाव और असमानता के विरुद्ध संघर्ष किया और समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित समाज की नींव रखी। बाबा साहब का मानना था कि “शिक्षा वह शस्त्र है जिससे कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदल सकता है।“ उन्होंने शिक्षा को अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में देखा। हमें भी उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा, सामाजिक समरसता और न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी से आह्वान किया कि हम मिलकर एक ऐसे समतामूलक, न्यायप्रिय और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सहयोग करें, जैसा डॉ. अंबेडकर ने सपना देखा था।
इस मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधिगणों, अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस द्वारा माला पहनाकर किया गया। सांसद जी एवं जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद हाथरस में तैनात कर्मचारियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किये जाने पर शॉल ओढ़ाकर एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, उप जिलाधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस, सुनील वर्मा, सतेन्द्र आदि उपस्थित लोगों ने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर के मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धा पूर्वक उनको नमन किया।
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