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हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में मंत्री की अध्यक्षता में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का किया गया आयोजन

राज्य मंत्री राजस्व विभाग सुरेन्दर दिलेर के जनपद आगमन पर कलेक्ट्रेट परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर ने सलामी दी


 राजस्व मंत्री एवं जनप्रतिनिधिगणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगाये गये स्टॉलों का किया निरीक्षण


पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के तत्वाधान में विभाजन विभीषिका स्मृति पर आधारित प्रदर्शनी का  

 राजस्व मंत्री ने किया अवलोकन




हाथरस। 

 पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के तत्वाधान में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य मंत्री, राजस्व विभाग, उप्र  सुरेन्दर दिलेर की अध्यक्षता में भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 


इस मौके पर राज्य मंत्री, राजस्व विभाग, उप्र  सुरेन्दर दिलेर,  सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर,  विधायक सिकंदराराऊ वीरेन्द्र सिंह राणा,  विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह,  सांसद प्रतिनिधि राजेश उर्फ गुड्डू, जिलाधिकारी अतुल वत्स तथा पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों,  अधिकारियों, कर्मचारियों सहित उपस्थित सभी ने विभाजन विभीषिका के दौरान विस्थापित हुए व्यक्तियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। 

इस अवसर पर वर्ष 1947 के भारत-विभाजन की भयावह परिस्थितियों एवं उससे प्रभावित लोगों की पीड़ा को दर्शाने वाली लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। उपस्थित लोगों ने लघु फिल्म के माध्यम से विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई कठिनाइयों और त्रासदी को देखा तथा महसूस किया। विभाजन विभीषिका के समय विस्थापित हुए पीड़ित परिवारों के सदस्यों श्रीमती कांता देवी अरोड़ा, सुरेश ग्रोवर, सुभाष अरोड़ा, समुन्दर लाल अरोड़ा, हरीश आहूजा, बलदेव राज सकूजा, श्रीमती उर्मिला खरखन्दा, नरेंद्र ग्रोवर एवं अमन कुमार को  मंत्री एवं जनप्रतिनिधिगणों द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

इस दौरान श्रीमती कांता देवी अरोड़ा, हरीश आहूजा एवं नरेंद्र ग्रोवर ने वर्ष 1947 के भारत-विभाजन के दौरान अपने परिवारों द्वारा झेली गई पीड़ा, कठिन परिस्थितियों, संघर्षपूर्ण अनुभवों, पारिवारिक बिछड़न, आजीविका के साधनों के नुकसान तथा नए परिवेश में पुनः जीवन प्रारंभ करने की चुनौतियों को भावुक शब्दों में साझा किया। 

 राज्य मंत्री सुरेन्दर दिलेर ने कहा कि आज हम सभी यहां उन करोड़ों परिवारों के संघर्ष, पीड़ा और त्याग को स्मरण करने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्होंने वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान अत्यंत कठिन और भयावह परिस्थितियों का सामना किया। विभाजन के समय अनेक लोगों को अपने घर, जमीन-जायदाद और पूर्वजों की संपत्ति छोड़कर विस्थापित होकर भारत आना पड़ा। अनेक परिवारों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा झेली। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित विभाजन पीड़ित परिवारों द्वारा साझा किए गए अनुभवों को सुनकर उस दौर की कठिनाइयों का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। अनेक लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते हुए भारत की धरती पर शरण ली। विभाजन की परिस्थितियों को दर्शाने वाली लघु फिल्म के माध्यम से भी उस समय की भयावहता को समझने का अवसर मिला। मंत्री ने कहा कि विभाजन के पीछे अनेक कारण रहे, लेकिन समाज का संगठित और एकजुट न होना भी एक महत्वपूर्ण कारण था। आज आवश्यकता है कि हम इतिहास से सीख लें और समाज में एकता, सद्भाव एवं आपसी भाईचारे को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी गलतियों से नहीं सीखेंगे तो इतिहास की गलतियां दोहराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विभाजन की विभीषिका को याद किया जा रहा है तथा उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है, जिन्होंने उस कठिन दौर में अपना सर्वस्व खो दिया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की शुरुआत एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। इसके माध्यम से करोड़ों परिवारों के संघर्ष, पीड़ा और त्याग को स्मरण करने का अवसर मिलता है। मंत्री ने कहा कि हमें विभाजन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों के संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए तथा आने वाली पीढ़ियों को भी इस इतिहास से अवगत कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का भारत एक मजबूत एवं सशक्त भारत के रूप में विश्व के सामने उभर रहा है और देश किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने विभाजन की त्रासदी झेलने वाले सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने  मंत्री जी एवं जनप्रतिनिधिगणों की गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा विभाजन विभीषिका के दौरान विस्थापित व्यक्तियों के परिजनों द्वारा अपने अनुभव साझा करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी ने अपना बहुमूल्य समय देकर कार्यक्रम में सहभागिता की और विभाजन की विभीषिका से जुड़े परिवारों की संवेदनाओं एवं अनुभवों को सुना, इसके लिए वे सभी का हृदय से धन्यवाद करते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मौजूद असमानताओं एवं दूरियों को कम करने तथा सामाजिक खाइयों को पाटने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, नागरिकों तथा मीडिया बंधुओं का भी हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी आरसी यादव, अपर जिलाधिकारी वि/रा प्रशांत तिवारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चंद्र, परियोजना निदेशक, उप जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।


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