सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ADHR ने जिलाधिकारी के नाम सौंपा ज्ञापन

हाथरस।

 जनपद के सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (ADHR), हाथरस द्वारा जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति में ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में जिला प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ, सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालयों की बुनियादी व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना आवश्यक है। संगठन ने कहा कि शिक्षा केवल विद्यालय में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, फर्नीचर, बिजली-पंखे, खेल सुविधाएं, पर्याप्त शिक्षक तथा पौष्टिक भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलना भी आवश्यक है।

ADHR ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 21-क, 39(फ) एवं 45 का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा, गरिमा, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। एडीएचआर ने चिंता जताई कि जनपद के कुछ सरकारी विद्यालयों में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

ज्ञापन में मांग की गई कि जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों का व्यापक एवं निष्पक्ष स्थलीय सर्वेक्षण और तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा विद्यालयवार कमियों को चिन्हित कर उनके समाधान की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।

ADHR की प्रमुख मांगें

संगठन ने विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग एवं क्रियाशील शौचालय, जर्जर भवनों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण, छात्र संख्या के अनुपात में पर्याप्त कक्षाएं तथा प्रत्येक बच्चे के लिए उचित डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके साथ ही विद्यालयों के खेल मैदानों को सुरक्षित एवं खेलने योग्य बनाने, आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति एवं छात्र-शिक्षक अनुपात को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन, विद्यार्थियों को समय से गुणवत्तापूर्ण ड्रेस, जूते-मोजे, पुस्तकें, बैग एवं अन्य शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक विद्यालय में सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त पंखे और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

संगठन ने विद्यालय परिसरों में नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण, जल निकासी तथा मच्छर एवं संक्रमण फैलाने वाले कारणों की रोकथाम की व्यवस्था करने की मांग की। छात्राओं के लिए स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी विशेष सुविधाएं तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप एवं सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।

ADHR ने जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण कराने तथा निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने की मांग की।

संगठन ने प्रत्येक सरकारी विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं की विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव भी दिया, जिसमें भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर, छात्र संख्या, शिक्षक संख्या, खेल मैदान सहित अन्य सुविधाओं की स्थिति दर्ज हो।

इसके अलावा अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के लिए प्रभावी शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था विकसित करने तथा शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की गई।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विद्यालयों में किसी भी बच्चे के साथ जाति, धर्म, लिंग, आर्थिक स्थिति, दिव्यांगता अथवा किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रत्येक बच्चे के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संगठन ने भौतिक सुविधाओं के साथ-साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति, सीखने के स्तर, शैक्षिक प्रगति एवं शिक्षण की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की मांग भी रखी।

“गरीबी या सरकारी विद्यालय में पढ़ना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बाधा न बने”

राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक, असुरक्षित अथवा गरिमाहीन वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में पढ़ता है। प्रत्येक बच्चे को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक शिक्षा मिलनी चाहिए।

ज्ञापन में जिला प्रशासन से आग्रह किया गया कि संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि “जनपद का कोई भी सरकारी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा केवल गरीबी अथवा सरकारी विद्यालय में अध्ययन करने के कारण गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा से वंचित न हो।”

ADHR ने जिला प्रशासन से विद्यालयों की स्थिति, चिन्हित कमियों तथा उनके समाधान की प्रगति से जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं नागरिक समाज को अवगत कराने की मांग की, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।

संगठन ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी अतुल वत्स के स्तर से ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर जनपद की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में ठोस एवं प्रभावी सुधार की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञापन सौपने वालों में जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल,राजेश वार्ष्णेय,अनिल अग्रवाल, रवि गुप्ता, उद्धव कृष्ण शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।


@#samachar24news

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

यूपी बोर्ड 2026: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सिकंद्राराऊ का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में ऐतिहासिक प्रदर्शन, जिले की टॉप-10 सूची में 7 मेधावियों ने लहराया परचम

सिकंदराराऊ।   उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा हाल ही में घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणामों में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिकंद्राराऊ ने शैक्षणिक उत्कृष्टता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय के कुल 7 मेधावी विद्यार्थियों ने जिला हाथरस की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संस्था, क्षेत्र एवं जनपद को गौरवान्वित किया है।   जिला स्तरीय मेरिट में विद्यालय के 3 छात्रों ने स्थान बनाया है। पहला स्थान भाग्यलक्ष्मी *अंक:* 560/600, *प्रतिशत:* 93.33%, *जिले में रैंक:* चौथा स्थान, दूसरा स्थान *शिवांश* — *अंक:* 557/600, *प्रतिशत:* 92.83%, *जिले में रैंक:* छठा स्थान, *पिता:* श्री छोटेलाल   तीसरा स्थान *बर्तिका* — *अंक:* 556/600, *प्रतिशत:* 92.67%, *जिले में रैंक:* सातवाँ स्थान, *पिता:* श्री शैलेन्द्र सिंह जादौन   इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के मेधावी छात्र   इंटरमीडिएट की जिला टॉप-10 सूची में विद्यालय के 4 छात्रों ने बाजी मारी। पहला स्थान *नितिन कुमार* — *अंक:* 444/500, *प्रतिशत:* 88.80%, *जिले में रैंक:* ...

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में झंडारोहण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

सिकंदराराऊ।  80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर का  परिसर तिरंगे की आभा और देशभक्ति के गीतों से गूंज उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता  श्रीमान भगवानदास गुप्ता ने की।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक  वीरेन्द्र सिंह राणा रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में शिवदत्त उपाध्याय एवं राजेंद्र मोहन सक्सेना उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रबंधक विनोद गुप्ता , कोषाध्यक्ष नीरज वैश्य, राजेश कुमार चंद्रा, विपिन लाल, वरुण माहेश्वरी एवं दुर्गादत्त उपाध्याय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण अध्यक्ष भगवानदास गुप्ता एवं मुख्य अतिथि वीरेन्द्र सिंह राना द्वारा किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तुति दोनों विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा संयुक्त रूप से की गई। सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह चौहान के मार्गदर्शन में बच्चों ने देशभक्ति गीत, नाटिका, भाषण एवं समूह नृत्य प्रस्तुत किए। "वंदे मातरम", "ऐ मेरे वतन के लोगों" जैसी प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।  विद्या मंदिर के छात्रों की क्रांतिकारियों ...

हसायन में झोला छाप के उपचार से महिला की गई जान, कवरेज करने पहुंचे पत्रकार को अभद्रता कर बनाया बंधक

सिकंदराराऊ।  थाना हसायन क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टर के इलाज से एक महिला की  मौत हो गई जिसके बाद कवरेज करने गए पत्रकार के साथ अभद्रता ही नहीं की गई बल्कि उसे दुकान का शटर बंद कर बंधक भी बना लिया गया। घटना से पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया।  बता दें कि थाना हसायन क्षेत्र के गांव बकायन की रहने वाली महिला नीतू देवी के पेट में 2 दिन पूर्व दर्द हुआ। जिसके बाद परिजन उसे हसायन में ही स्थित शिफा क्लीनिक पर उपचार के लिए ले गए। जहां उपचार के दौरान महिला की आज मौत हो गई। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। जब क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया  कर्मी गौरव पचौरी को घटना की जानकारी हुई तो वह कवरेज हेतु शिफा क्लीनिक पहुंचे और कवरेज करने लगे जिससे नाराज होकर डॉक्टर  के पुत्र ने उनसे अभद्रता कर उनका मोबाइल कैमरा छीन लिया और दुकान का शटर बंद कर पत्रकार और उसके साथी को बंधक बना लिया। जिसके बाद जब घटना कि सूचना थाना पुलिस को मिली तो वह मौके पर पहुंची और दुकान का शटर खुलवाकर पत्रकार और उसके साथी को मुक्त कराया। इस शर्मनाक घटना की जानकारी जैसे ही क्षेत्र के पत्रकारों को हुई तो उन...