विधायक, डीएम, एसपी व सीडीओ ने रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में छात्राओं से किया संवाद और प्रयोगशाला में छात्राओं के साथ समझी अम्लीय एवं क्षारीय पदार्थों की जांच प्रक्रियाकार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, शिक्षा, डिजिटल जागरूकता तथा नियमित लेखन के प्रति किया प्रेरित
हाथरस।
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत सेठ हरचरन दास गर्ल्स इण्टर कॉलेज, हाथरस में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री के नाम अपने मन की बात, अपेक्षाओं, सपनों एवं सुझावों पर आधारित पत्र लेखन संबंधी कार्यक्रम का आयोजन विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित की उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक सदर, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने संयुक्त रूप से सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इसके उपरांत प्रधानाचार्य द्वारा अतिथियों का पटका पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि पत्र लेखन केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। मोबाइल के बढ़ते उपयोग के कारण पत्र लेखन की परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। छात्राओं को किताबें पढ़ने, लाइब्रेरी जाने तथा नियमित रूप से लिखने की आदत विकसित करनी चाहिए। लेखन से सोचने, समझने और स्मरण करने की क्षमता मजबूत होती है। उन्होंने छात्राओं को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा पढ़ाई के साथ-साथ घर के कार्यों में माता-पिता का सहयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि घरेलू कार्य सीखना भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होती है। महिला एवं बालिका सुरक्षा के संबंध में उन्होंने ‘गुड टच’ एवं ‘बैड टच’ के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में मिशन शक्ति हेल्पलाइन 1090 पर सूचना देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है और जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। मा0 विधायक ने छात्राओं द्वारा मा0 मुख्यमंत्री जी के नाम लिखे गए पत्रों को उन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। पढ़ाई के साथ संगीत अथवा कोई वाद्य यंत्र सीखकर अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास को बढ़ाया जा सकता है। आज की बेटियां भविष्य में जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी, प्रधानाचार्या, शिक्षिका, चिकित्सक सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम केवल भाषण देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्राओं के विचारों, सपनों और अपेक्षाओं को समझने का अवसर है। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि यदि उन्हें एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर मिले तो वे हाथरस में क्या बदलाव करना चाहेंगी और मुख्यमंत्री तक कौन-सी बात पहुंचाना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य यह जानना है कि नई पीढ़ी किन विषयों को महत्व देती है और अपने भविष्य को किस दिशा में देखती है। जलभराव की समस्या के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर जल निकासी व्यवस्था के माध्यम से जलभराव की समस्या को कम किया जा सकता है। नगर पालिका द्वारा स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज की योजना तैयार की गई है तथा प्रयास है कि आगामी वर्षा ऋतु तक इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। जिलाधिकारी ने छात्राओं को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि विशेष रूप से संपादकीय पृष्ठ पढ़ने से विचारों का विकास एवं विश्लेषण की क्षमता बढ़ती है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के एल्गोरिदम हमारी पसंद के अनुसार बार-बार उसी प्रकार की सामग्री दिखाते हैं, जिससे समय का पता नहीं चलता। इसलिए किताबें पढ़ना और स्वयं विचार करना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रत्येक जानकारी को सत्य न मानें, बल्कि उसका विश्लेषण करें। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने छात्राओं से अपने सपनों, विचारों और समस्याओं को लिखकर साझा करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी बातों एवं सुझावों को शासन स्तर तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का है। इंटरनेट और आधुनिक तकनीक ने पढ़ाई को आसान बनाया है, लेकिन डिजिटल दौर में कहीं न कहीं लिखने और पढ़ने की मूल आदत पीछे छूटती जा रही है। इसलिए ‘बैक टू बेसिक्स’ की ओर लौटना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कागज और कलम से लिखने की आदत विचारों को व्यवस्थित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी बढ़ाती है। छात्राएं प्रतिदिन कुछ न कुछ लिखें, चाहे वह अपने मन की बात हो, कोई विचार हो अथवा भविष्य का सपना। कई बार जिन बातों को हम किसी से नहीं कह पाते, उन्हें लिखने से मन को अभिव्यक्ति मिलती है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का महत्व अपनी जगह है, लेकिन अनेक महत्वपूर्ण परीक्षाओं में अभी भी पेन-पेपर के माध्यम से उत्तर लिखने होते हैं। इसलिए नियमित लेखन अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अपने विचार कागज पर लिखने और लेखन की आदत को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट एवं आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूर करें, लेकिन अपनी बुनियादी पढ़ने-लिखने की क्षमता को कभी कमजोर न होने दें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने छात्रों से संवाद करते हुए सड़क पर बाईं ओर चलने तथा ज्ञान और विज्ञान में अंतर जैसे विषयों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को दैनिक जीवन से जुड़े विषयों के पीछे के कारणों को समझने, प्रश्न पूछने तथा वैज्ञानिक एवं तार्किक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विधायक सहित उपस्थित अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को टीका लगाकर राखी बांधी। छात्राओं ने अपने मन की बात साझा करते हुए जनपद में लॉ कॉलेज की स्थापना सहित विभिन्न विकास कार्यों की अपेक्षाएं एवं सुझाव रखे। छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री जी के नाम लिखे गए पत्रों में अपने सपनों, समस्याओं, अपेक्षाओं और जनपद के विकास से संबंधित विचारों को अभिव्यक्त किया गया।
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