हाथरस।
जीएसएएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुरसान में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विद्यालय पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यालय में उप जिलाधिकारी सदर द्वारा जनसहयोग से कराए गए कार्यों, जिसमें कमरों की छतों की मरम्मत एवं फर्नीचर की उपलब्धता शामिल है, का निरीक्षण किया। विद्यालय में तैयार किए गए प्रोजेक्टर युक्त एक्टिविटी रूम का छात्राओं ने फीता काटकर शुभारंभ किया। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। एक्टिविटी रूम में की गई व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की।
आयोजित स्वास्थ्य कैंप में छात्राओं की आंखों एवं रक्त की जांच की गई। जिलाधिकारी ने छात्राओं के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था लागू करने तथा समय-समय पर होने वाली स्वास्थ्य जांच का विवरण स्वास्थ्य कार्ड में अंकित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य कैंप का मुख्य उद्देश्य विशेषकर बच्चों एवं किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा शरीर में पोषण की कमी को समय रहते पहचानकर उसका समाधान करना है। उन्होंने कहा कि हमारा शरीर हमारा सबसे अच्छा और सच्चा साथी है, जो हर परिस्थिति में हमारा साथ देता है। इसलिए हमें अपने शरीर और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
छात्राओं से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, सलाद तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन सहित अनेक आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। उन्होंने मैदा से बने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने तथा पौष्टिक एवं प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चोट लगने या बुखार होने का पता आसानी से चल जाता है, लेकिन शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया के लक्षण कई बार स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। जल्दी थकान, कमजोरी एवं ऊर्जा की कमी को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि समय से स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों एवं किशोर-किशोरियों की तेजी से हो रही शारीरिक वृद्धि के दौरान शरीर को अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान दें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर एनीमिया सहित अनेक पोषण संबंधी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, पौष्टिक आहार लेने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर, स्कूल की प्रधानाचार्या, अध्यापक, अध्यापिकाऐं, छात्राऐं आदि उपस्थित रहे।
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