स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन…… शारीरिक चेतना के लिए अत्यंत जरुरी है स्वर्णप्राशन संस्कार : स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज जनकल्याण एवं लोकहित के लिए सदैव रहेंगे कार्यरत : डा.बसंत कुमार सिंह
आरोग्य हेल्थ केयर एंड पैन मैनेजमेंट सेंटर पर हुआ निशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन……
शारीरिक चेतना के लिए अत्यंत जरुरी है स्वर्णप्राशन संस्कार : स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज
जनकल्याण एवं लोकहित के लिए सदैव रहेंगे कार्यरत : डा.बसंत कुमार सिंह
अलीगढ। बच्चाें के शारीरिक और बाैद्धिक विकास के साथ राेग प्रतिराेधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद का मंत्राैषधि स्वर्ण प्राशन संस्कार शिविर बुधवार को आयोजित किया गया। मसूदाबाद आवास विकास कालोनी स्थित महेंद्राहोम्स अपार्टमेंट में आरोग्य हेल्थकेयर एंड पैन मैनेजमेंट सेंटर की ओर से लगाए गए इस शिविर के माध्यम से 6 माह से 16 साल तक के बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार किया गया।बुधवार को प्रातः 9 बजे से सांय 3 बजे तक लगे स्वर्णप्राशन शिविर का उद्घाटन वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने किया। हेल्थकेयर के एम.डी डा. बसंत कुमार सिंह की अध्यक्षता में लगे इस शिविर में डा.श्वेता सिंह, डा.कुशल,डा.अंकित मिश्रा, राहुल कुमार ने पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक विधि विधान से औषधि तैयार कर 6 माह से 16 साल तक के बच्चों को निशुल्क सुविधा दी, सुबह से ही निशुल्क रजिस्ट्रेशन की लाइन लगी रही जिसमें लगभग 125 बच्चों ने लाभ लिया।इस अवसर पर स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में बड़े से बड़े रोगों का उपचार ज्योतिष और आयुर्वेदिक माध्यम से किया जाता है एक तरफ जहाँ ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र के साथ रत्नो का विशेष महत्त्व है वहीं किसी रोग के लिए आयुर्वेद भी नक्षत्र और वेदमंत्रो के माध्यम से प्रभावशील औषधि का निर्माण करता है। स्वर्ण हमारे शरीर में आवश्यक अत्यंत महत्वपूर्ण धातु है, जो कि मस्तिष्क और इम्युनिटी के लिए विशेष लाभकारी है स्वर्ण प्राशन विधि द्वारा पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण भस्म के साथ अनेकों औषधियों द्वारा निर्मित मिश्रण को बच्चो को पिलाने से बल और बुद्धि का विकास होता है।डा. बसंत कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में संक्रमण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा परोपकार की भावना के साथ इस शिविर को लगाया गया।स्वर्ण प्राशन न केवल बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त करता है, बल्कि स्मरण शक्ति एवं बुद्धि को भी बढ़ाता है। यह सामान्य एवं जटिल रोगों को होने की आशंका को भी कम करके विषैले पदार्थों को भी दूर करता है। पुष्य नक्षत्र में बच्चों को स्वर्ण प्राशन की तीन व छह बूंदें पिलाई जाती हैं, जिसके आधा घंटा बाद तक उन्हें आहार नहीं दिया जाता है।
उन्होंने बताया की आरोग्य हेल्थ केयर सेंटर की पूरी टीम जनहित एवं समाज कल्याण के उद्देश्य हेतु समय समय पर निशुल्क शिविर के माध्यम से आमजन को सुविधाएं देते रहेंगे। शिविर में आचार्य गौरव शास्त्री, संजय नवरत्न,शिवम शास्त्री, निपुण उपाध्याय,दिविसा सिंह, मिहिरा,अधिराज चौधरी,जिया वार्ष्णेय, दिया, गुंजन कामाक्षी, कृष्णा, परी वार्ष्णेय, महिमा यतिका अनाया आदि ने लाभ लिया।
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