सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मनुष्य को अपना मन ईश्वर में लगाना चाहिए: आचार्य अवनीश जी वशिष्ठ

 मनुष्य को अपना मन ईश्वर में लगाना चाहिए: आचार्य अवनीश जी वशिष्ठ


सिकंदराराऊ 

क्षेत्र के गांव ओंकार नगर बपंडई में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़  उमड़ी। इस अवसर पर दवा व्यवसाई एवं वरिष्ठ समाजसेवी उमाशंकर शर्मा द्वारा पूजा अर्चना की गई। 

कथावाचक आचार्य श्री अवनीश जी वशिष्ठ ने  कपिल अवतार की कथा के  प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान ब्रह्मा ने अपने पुत्र महर्षि कर्दम को सृष्टि की वृद्धि के लिए आदेश दिया। महर्षि कर्दम पिता की आज्ञा स्वीकार करके बिन्दुसर-तीर्थ के समीप जाकर कठोर तपस्या में लग गये। उस समय तप ही मनुष्य की समस्त इच्छाओं की पूर्ति का प्रधान साधन था। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान नारायण प्रकट हुए। उन्होंने महर्षि से कहा – “महाराज! मनु की कन्या देवहूति तुम्हारे अनुरूप योग्य पत्नी सिद्ध होगी और तुम्हारे उद्देश्य की पूर्ति में सहायक होगी। अत: जब महाराज मनु देवहूति को लेकर तुम्हारे आश्रम पर पधारें तब तुम उन्हें देवहूति से विवाह करने की स्वीकृति दे देना। कालान्तर में मैं स्वयं तुम्हारे माध्यम से देवहूति के गर्भ से अवतार लूँगा और संसार को सांख्यशास्त्र एवं भक्ति का उपदेश करुँगा।”एक दिन महाराज मनु महर्षि कर्दम के आश्रम पर पधारे और महर्षि का देवहूति के साथ विवाह सम्पन्न हो गया। विवाह के बाद भी महर्षि अपनी तपस्या में ही लगे रहे और आश्रम की व्यवस्था तथा महर्षि की सेवा ही देवहूति की नित्य की दिनचर्या हो गई। राजकन्या से अब वे वल्कलधारिणी तपस्विनी बनकर रह गई। अन्तत: महर्षि उनकी पतिभक्ति और सेवा से प्रसन्न हुए और बोले – ‘कल्याणि! तुमने मेरी सेवा में अपने-अपको सुखा डाला। मैं तुम पर प्रसन्न हूँ। बताओ! मैं तुम्हारी कौन-सी कामना सिद्ध करूँ?’ देवहूति को संतान की कामना थी। महर्षि कर्दम ने अपनी तपस्या और योग के प्रभाव से एक दिव्य विमान प्रकट किया, जिसमें सहस्त्रों दास-दासियाँ, दिव्य वस्त्राभूषण तथा लोकोत्तर ऎश्वर्य-भोग की दुर्लभ सामग्रियाँ उपलब्ध थी।

उन्होंने कहा कि महर्षि, देवहूति के साथ विमान में चढ़ गए। उन्हें विमान में गृहस्थ सुखों का भोग करते हुए वर्षों बीत गए। देवहूति ने नौ पुत्रियों को जन्म दिया जिनका विवाह – महर्षि मरीचि, अत्रि, अंगिरा आदि के साथ संपन्न हुआ। महर्षि कर्दम ने सोचा – ‘विषयों में लगकर यह जीवन नष्ट हो गया।’ उनमें पूर्ण वैराग्य का उदय हुआ। अब उन्होंने अकेले ही तप के लिए वन जाने का निश्चय किया। देवहूति ने अत्यन्त व्याकुल होकर उनसे दीन शब्दों मे कहा – “देव ! मैं इन्द्रियों के विषय में मूढ़ बनी रही। मैं आपके प्रभाव से अनभिज्ञ रही, फिर भी आप जैसे महापुरुष का संग कल्याणकारी होना चाहिए। अत: मेरे उद्धार का मार्ग बताने की कृपा करें।’ महर्षि बोले – “भद्रे ! व्याकुल मत हो, तुम्हारे गर्भ से परम पुरुष प्रकट होने वाले हैं। वे तुम्हें तत्त्वज्ञान का उपदेश देगें। मैं उनका दर्शन करके ही यहाँ से जाऊँगा।”समय पर भगवान कपिल ने देवहूति के गर्भ से अवतार लिया। महर्षि उनका दर्शन करके और आदेश लेकर तप के लिए वन में चले गये। भगवान कपिल ने माता को तत्त्वज्ञान का उपदेश देते हुए कहा – “यह मन ही मनुष्य के बन्धन और मोक्ष का कारण है। विषयों में आसक्त होने पर वह बन्धन का हेतु होता है, किंतु परमात्मा में अनुरक्त होने पर वही मोक्ष का कारण बन जाता है। अत: मनुष्यों को चाहिए कि वह सब ओर से मन को खींचकर भगवान के स्वरुप में लगाए।”

इस प्रकार माता को भक्ति और सांख्यशास्त्र का उपदेश देकर भगवान कपिल समुद्र तट पर गये और समुद्र ने उनको अपने अंदर स्थान दिया। देवहूति भी उनके उपदेश के अनुरूप भगवान में अपना मन लगाकर मुक्त हो गईँ।

इस अवसर पर सत्य प्रकाश शर्मा, शशिपाल सिंह, राम गोपाल सिंह, मनोज शर्मा, राकेश कुमार , सतीश चंद्र , सुरेश सविता, देवदत्त शर्मा , नवीन शर्मा, रामसनेही , प्रमोद शर्मा, मुकेश शर्मा, गिरीश चंद्र शर्मा, सत्येंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

तीज महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित की गई मेहंदी प्रतियोगिता

सिकंदराराऊ।  स्थानीय रेलवे रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में तीज महोत्सव के उपलक्ष्य में विद्यालय की छात्राओं के मध्य मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन विद्यालय की समस्त आचार्या एवं निर्णायक मंडल में उपस्थित श्रीमती रेनू चौहान और शिल्पा महेश्वरी ने किया।  प्रतियोगिता में बाल वर्ग में प्रथम स्थान निषा धनगर ,साक्षी, वंशिका, द्वितीय स्थान तनु ,कृतिका, तृतीय स्थान मेघा, अंशिका, किशोर वर्ग में प्रथम स्थान प्रियांशी, योग्यता, द्वितीय स्थान ईशा, दीक्षा वर्मा, कशिश वर्मा, तृतीय स्थान भूमि ,निशु एवं तरुण वर्ग में प्रथम स्थान भावना, सृष्टि, द्वितीय स्थान आशा, दीक्षा एवं तृतीय स्थान वैष्णवी एवं रिया ने प्राप्त किया।  कार्यक्रम के समापन में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह चौहान के द्वारा निर्णायक मंडल में उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। @samachar24news

हसायन में झोला छाप के उपचार से महिला की गई जान, कवरेज करने पहुंचे पत्रकार को अभद्रता कर बनाया बंधक

सिकंदराराऊ।  थाना हसायन क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टर के इलाज से एक महिला की  मौत हो गई जिसके बाद कवरेज करने गए पत्रकार के साथ अभद्रता ही नहीं की गई बल्कि उसे दुकान का शटर बंद कर बंधक भी बना लिया गया। घटना से पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया।  बता दें कि थाना हसायन क्षेत्र के गांव बकायन की रहने वाली महिला नीतू देवी के पेट में 2 दिन पूर्व दर्द हुआ। जिसके बाद परिजन उसे हसायन में ही स्थित शिफा क्लीनिक पर उपचार के लिए ले गए। जहां उपचार के दौरान महिला की आज मौत हो गई। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। जब क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया  कर्मी गौरव पचौरी को घटना की जानकारी हुई तो वह कवरेज हेतु शिफा क्लीनिक पहुंचे और कवरेज करने लगे जिससे नाराज होकर डॉक्टर  के पुत्र ने उनसे अभद्रता कर उनका मोबाइल कैमरा छीन लिया और दुकान का शटर बंद कर पत्रकार और उसके साथी को बंधक बना लिया। जिसके बाद जब घटना कि सूचना थाना पुलिस को मिली तो वह मौके पर पहुंची और दुकान का शटर खुलवाकर पत्रकार और उसके साथी को मुक्त कराया। इस शर्मनाक घटना की जानकारी जैसे ही क्षेत्र के पत्रकारों को हुई तो उन...

यूपी बोर्ड 2026: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सिकंद्राराऊ का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में ऐतिहासिक प्रदर्शन, जिले की टॉप-10 सूची में 7 मेधावियों ने लहराया परचम

सिकंदराराऊ।   उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा हाल ही में घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणामों में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिकंद्राराऊ ने शैक्षणिक उत्कृष्टता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय के कुल 7 मेधावी विद्यार्थियों ने जिला हाथरस की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संस्था, क्षेत्र एवं जनपद को गौरवान्वित किया है।   जिला स्तरीय मेरिट में विद्यालय के 3 छात्रों ने स्थान बनाया है। पहला स्थान भाग्यलक्ष्मी *अंक:* 560/600, *प्रतिशत:* 93.33%, *जिले में रैंक:* चौथा स्थान, दूसरा स्थान *शिवांश* — *अंक:* 557/600, *प्रतिशत:* 92.83%, *जिले में रैंक:* छठा स्थान, *पिता:* श्री छोटेलाल   तीसरा स्थान *बर्तिका* — *अंक:* 556/600, *प्रतिशत:* 92.67%, *जिले में रैंक:* सातवाँ स्थान, *पिता:* श्री शैलेन्द्र सिंह जादौन   इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के मेधावी छात्र   इंटरमीडिएट की जिला टॉप-10 सूची में विद्यालय के 4 छात्रों ने बाजी मारी। पहला स्थान *नितिन कुमार* — *अंक:* 444/500, *प्रतिशत:* 88.80%, *जिले में रैंक:* ...