मानवअधिकार हनन के मामले में जांच करने पहुंची आयोग की टीम घटना स्थल पर जांच करने पहुंची मानवाधिकार आयोग की तीन सदस्यीय टीम मामले के गवाहों और शिकायत कर्ता से जुटाए साक्ष्य
मानवअधिकार हनन के मामले में जांच करने पहुंची आयोग की टीम
घटना स्थल पर जांच करने पहुंची मानवाधिकार आयोग की तीन सदस्यीय टीम
मामले के गवाहों और शिकायत कर्ता से जुटाए साक्ष्य
*शिकायत कर्ता ने मध्य प्रदेश पुलिस पर लगाया मानवाधिकार हनन का आरोप*
*सीनियर आई पी एस मामले की कर रहे जांच*
मानवाधिकार हनन के मामले की जांच करने मंगलवार को आयोग का एक दल सीनियर आई पी एस अधिकारी की निगरानी जनपद एटा के अलीगंज पहुंचा ।जहां आयोग की टीम ने शिकायत कर्ता डॉक्टर योगेश जैन की लिखित शिकायत का संज्ञान लेते हुए मौके पर पहुंच कर मामले की बारीकी से जांच पड़ताल की और साक्ष्य जुटाए।आयोग की टीम पहुंचने के बाद कस्बे में हड़कंप मच गया।मानवाधिकार आयोग के अधिकारी सबसे पहले शिकायत कर्ता के आवास पर पहुंचे जहां करीब दो घंटे तक मानवाधिकार आयोग के सीनियर आई पी एस पाटिल केतन ने शिकायत कर्ता से बंद कमरे में पूछताछ की।पूर्व में शिकायत कर्ता के साथ घटित हुई घटना को बारीकी से परखने के लिए मौके पर पहुंच कर आयोग के दल ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।और प्रत्यक्ष दर्शियों के भी बयान दर्ज किए।शिकायत कर्ता के परिजनों अपहरण किए जाने की दर्ज करवाई गई एफ आई आर के मामले में तत्कालीन अलीगंज थाना प्रभारी पंकज मिश्रा और और जांच अधिकारी संजय सिंह को भी आयोग ने तलब किया और बयान दर्ज किए।
*मध्य प्रदेश पुलिस पर शिकायत कर्ता ने लगाए गम्भीर आरोप*
शिकायत कर्ता योगेश जैन का आरोप है की कोरोना काल में उनके द्वारा जैन मुनि विद्यासागर महाराज पर एक कमेंट किया गया था ।जिसके विरोध में मुनि निंदक होने का आरोप लगाकर मध्यप्रदेश के भोपाल,टीकमगढ़,विदिशा,सागर सहित कई जगह जैन मुनि के अनुयायियों द्वारा एफ आई आर दर्ज करवाई गई थी।एफ आई आर के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस ने सादा वर्दी में अलीगंज स्थित फैक्ट्री पर छापा मार कर जबरिया गाड़ी में ठूंस कर ले जाया गया इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मारपीट की गई अभद्र व्यवहार किया गया,अमानवीय व्यवहार किया गया।इतना ही नहीं उनका मुनि निंदा करने के आरोप में एनकाउंटर करने का भी प्रयास किया गया था।मध्य प्रदेश की जेलों में मानसिक रूप से टार्चर किया गया ।हालांकि कुछ समय बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुनि निंदा का आरोप खारिज करते हुए एफ आई आर रद्द कर दी थी।
शिकायत कर्ता ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए उत्पीड़न की शिकायत मानवाधिकार आयोग दिल्ली में दर्ज कराई थी।आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए एक जांच कमेटी बनाई और मामले की गहनता से जांच करने के लिए आयोग का एक दल अलीगंज भेजा।जांच दल में सीनियर आई पी एस पाटिल केतन के साथ ,एक डिप्टी एस पी,एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी मौजूद रह

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