कोतवाली क्षेत्र के गांव अमृतपुर असदपुर में आवंटन की भूमि की पैमाइश की कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। एक महिला ने कार्रवाई का विरोध करते हुए अपने ऊपर डीजल उड़ेल लिया जिससे वहां पर अफरातफरी मच गई।
बता दें कि मुन्ना लाल निवासी गांव अमृतपुर असदपुर थाना सिकंदराराऊ ने उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए शिकायत की थी कि अमृतपुर असदपुर तहसील सिकंदराराऊ स्थित भूमि गाटा संख्या 702 राजस्व अभिलेखों में चरागाह अंकित है । उक्त भूमि पर गांव के ही कुछ लोग अवैध कब्जा कर निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने गांव में ऐलान कर रखा है कि उक्त भूमि पर कब्जा करके निर्माण करेंगे कोई रोक सके तो रोक ले। यह भूमि दो ग्राम सभा की सीमा पर स्थित है जिसकी पैमाइश किया जाना आवश्यक है उक्त विवादित भूमि पर निर्माण किया जाता है तो शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। इसलिए अवैध कब्जा एवं निर्माण की कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार सुशील कुमार राजस्व टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पैमाइश करने के लिए पहुंचे । इस दौरान वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई । टीम द्वारा विवादित भूमि पर बंधे पशुओं को खोल दिया गया। जिसके चलते एक पक्ष द्वारा कहा गया कि आवंटित भूमि पर रजिस्टर्ड गौशाला बनी हुई है । गौशाला को हटाना शासन की मंशा के विरुद्ध है। इसी बीच एक महिला ने अपने ऊपर डीजल उड़ेल लिया और पैमाइश की कार्रवाई का विरोध करने लगी जिससे वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया।
मुन्नालाल का आरोप है कि उनकी कृषि आवंटन की भूमि पर गौशाला बनी हुई थी जिसे पैमाइश के नाम पर टीम द्वारा खत्म कर दिया गया। गौशाला में बंधी 27 गायों को खोलकर भगा दिया गया है। हम चाहते हैं कि निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए। जिसका जितना आवंटन है उतना उसका रकवा उसे दिया जाए तथा रजिस्टर्ड गौशाला को बहाल किया जाए।
तहसीलदार ने कहा है कि यह गौशाला का नहीं बल्कि दो पक्षों के बीच आवंटित भूमि के विवाद से जुड़ा मामला है। कुछ दिन पूर्व दोनों पक्ष आपस में भिड़ गई थे। आवंटित भूमि की पैमाइश की जा रही है। उप जिलाधिकारी के निर्देश पर वह टीम के साथ यहां पहुंचे हैं। पैमाइश करके विवाद का निस्तारण किया जाएगा।
@samachar24news


एक टिप्पणी भेजें