बार एसोसिएशन द्वारा फाग उत्सव एवं विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अधिवक्ता कक्ष में अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया । इस अवसर पर तीन महिलाओं समाजसेविका मीरा माहेश्वरी , शालिनी गर्ग प्रधानाचार्या तथा रत्नेश कुमारी एडवोकेट को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बार अध्यक्ष महेश अंजाना, सचिव देवकांत कौशिक द्वारा मां सरस्वती के छवि चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता बार अध्यक्ष महेश अंजाना ने की और संचालन कवि देवेंद्र दीक्षित शूल ने किया । श्रीमती गीता गीत की सरस्वती वंदना के पश्चात एटा के कवि राजकुमार गुप्ता भरत ने पढ़ा - गर आ जाओगी तो मकां यह घर बन जाएगा ।
युवा कवयित्री कुमारी अलका अद्भुत ने पढ़ा -कब तक मीरा बन के विष का प्याला पीना होगा । कब तक हमको अंतर्मन के घावों को सीना होगा ।
हास्य सम्राट सबरस मुरसानी ने पढ़ा- चाहे हिंदू चाहे मुस्लिम राजा या चपरासी ।
जो भी रहते भारत में वे सब हैं भारतवासी ।
कवयित्री गीता गीत ने पढ़ा- मिटाकर नफरतें दिल से लुटाओ प्यार होली में। किसी से प्यार गर तुमको करो इजहार होली में ।
टूंडला के हास्य कवि श्री राम राहुल ने पढ़ा- कुट-कुट के हम तो घर में जैसे खांड़ हो गए
हमसे तो अच्छे योगी जी के सांड़ हो गए। अलीगढ़ से पधारे वेद प्रकाश मणि ने पढ़ा - मां भारती की आन बान शान है हिंदी ।
भारतीयों की जग में पहचान है हिंदी। इनके अलावा कवि शिवम आजाद, प्रमोद विषधर, कुमार शिव संभव व डॉ दत्तात्रेय द्विवेदी के काव्य पाठ को भी खूब सराहा गया। इस मौके पर गौरी शंकर गुप्ता , युवराज सिंह चौहान ,जयप्रकाश गुप्ता , शिवकुमार सक्सेना ,रनवीर सिंह, प्रमोद बघेल, सुरेश सिंह जादौन , नरेश प्रताप सिंह, रमेश चंद्र शर्मा, शिवेंद्र सिंह बघेल, औसवीर सिंह, राम खिलाड़ी यादव ,सत्य प्रकाश शर्मा ,हुकुम सिंह बघेल, विजय उपाध्याय, कल्लू सिंह कुशवाह, हिमांशु दीक्षित एड, रोहित चौहान,अजय यादव आदि मौजूद रहे।
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