एटा।* विश्व हैपेटाईटिस दिवस मनाये जाने के उपलक्ष्य में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के समस्त कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों एवं जनपद के समस्त सामु० स्वा०केन्द्र प्रा०स्वा० केन्द्रों के अधीक्षकों प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों डी०पी०एम०यू० यूनिट के समस्त अधिकारी कर्मचारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अनेक स्वास्थ्य कर्मियों (अर्बन की समस्त ए०एन०एम० एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मीगण) के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में डा० चेतन्य चौहान, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय एटा एवं डा० रामसिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय वायरल हैपेटाईटिस नियंत्रण कार्यक्रम के द्वारा समस्त प्रतिभागियों को हैपेटाइटिस बीमारी के बारे में लक्षणों, स्क्रीनिंग, उपचार एवं फालोअप के बारे में विस्तार से बताया गया। मुख्य रूप से हैपेटाइटिस बी एवं सी के बारे में चर्चा करते हुए समय से बीमारी की पहचान, उपचार एवं फालोअप पर विशेष रूप से बताया गया।
राष्ट्रीय वायरल हैपेटाईटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत समस्त गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व शत्प्रतिशत जॉच किया जाना है। समस्त हाईरिस्क समूहों एवं क्षेत्रों में स्क्रीनिंग कैम्प लगाकर सर्दिग्ध मरीजों की पहचान की जानी है। विशेष रूप से पूरे वर्ष में ऐसे दो कैम्प जिला कारागार एवं चार कैम्प अन्य हाईरिस्क समूहों क्षेत्रों में आयोजित किये जाने है। स्क्रीनिंग में पॉजिटिव पाये गये समस्त मरीजों को अन्य जाँचों एवं इलाज हेतु ट्रीटमेन्ट सेन्टर (जिला अस्पताल) एवं मॉडल ट्रीटमेन्ट सेन्टर (मेडिकल कालेज) पर सन्दर्भित किया जायेगा। गोष्ठी में डा० सुधीर मोहन, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा० सर्वेश कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा० सतीश चन्द्र नागर, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा० गौरव यादव, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
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