लावारिस शव का एडीएचआर के सहयोग से हुआ अंतिम संस्कार
हाथरस
व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है। अज्ञात शव का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया जिसके दाहसंस्कार की व्यवस्था में एडीएचआर के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल बाबू अग्रवाल का पूर्णरूपेण सहयोग रहा। 23 अप्रैल को थाना हाथरस जंक्शन के अंतर्गत ग्राम राजपुर के निकट रेलवे लाइन पर एक महिला का क्षत-विक्षत शव पुलिस को मिला। जिसकी उम्र लगभग 45 वर्ष थी । पुलिस द्वारा क्षत-विक्षत शव को इकट्ठा कर शिनाख्त के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा। शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को थाना पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया। समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त सब का धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान घाट पर किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान , प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स, समाजसेवी सुनीत आर्या, गोपाल बाबू अग्रवाल, आयोग दीपक, सुरजीत काली, नंदकिशोर नंदू एवं रोहित ठाकुर कांस्टेबल हरेंद्र सिंह, महिला कांस्टेबल सुप्रिया मौजूद रहे।
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