तहसीलदार ने जीवित को मृत दर्शाकर भूमि की दूसरे के नाम बुजुर्ग ने मानवाधिकार आयोग एवं मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
तहसीलदार ने जीवित को मृत दर्शाकर भूमि की दूसरे के नाम
बुजुर्ग ने मानवाधिकार आयोग एवं मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
अलीगंज- क्षेत्र के गांव गढिया जगन्नाथ के एक व्यक्ति को मृत दर्शाकर उसके परिजनों ने तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर कर भूमि अपने नाम करवा ली। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले विभाग ने भी प्रमाण पत्र में हेरफेर करने की भी रिपोर्ट दी है। महत्वपूर्ण पहलू तो यह है कि तहसीलदार ने जिस व्यक्ति को मृत दर्शाकर भूमि दूसरे के नाम कर दी उन्हीं तहसीलदार द्वारा उसी व्यक्ति के आय, जाति, प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए। पीडित बुजुर्ग अपने जीवित होने का प्रमाण देने के लिए अधिकारियों के यहां दर-दर की ठोंकरें खा रहा है। परेशान होकर पीडित ने राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है। विकास खण्ड के गांव गढिया जगन्नाथ निवासी रामधन पुत्र इन्द्र जो कि अविवाहित है। रामधन, रामचन्द्र एवं मैकू तीन भाई हैं। 4 अप्रैल 2010 को भाई रामचन्द्र की मौत हो चुकी है। रामधन की भूमि हडपने के लिए रामचन्द्र की भाई रामवेटी ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर तहसीलदार राकेश कुमार के न्यायालय में वाद दायर किया। जब मृत्यु प्रमाण पत्र की सत्यता जांचने के लिए रिपोर्ट विकास खण्ड कार्यालय से मांगी गई तो रिपोर्ट में रामचन्द्र के आगे फर्जी तरीके से उर्फ रामधन लगाने की रिपोर्ट प्रेषित की गई। इसके उपरान्त तहसीलदार न्यायालय ने 04 मार्च 2023 को रामधन की भूमि मृत भाई रामचन्द्र की पुत्रियों के दर्ज करवा दी।
इसके उपरान्त तहसीलदार कार्यालय से रामधन पुत्र इन्द्र का आय प्रमाण पत्र संख्या 173231002281 एवं जाति प्रमाण पत्र संख्या 173234000296 12 जनवरी 2023 को जारी कर दिया। विकास खण्ड कार्यालय से मृत्यु प्रमाण पत्र की आख्या आने, किसान वही, किसान सम्मान निधि, मनरेगा जॉब कार्ड में जीवित होने के बाद भी रामधन अपने जीवन का प्रमाण पत्र मांग रहा है। अब देखना यह है कि रामधन को न्याय मिलेगा या नहीं। इस सम्बन्ध में तहसीलदार राकेश कुमार का कहना है कि वाद को न्यायालय में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों एवं गुण-दोष के आधार पर निस्तारित किया गया है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें