छात्राओं को महावारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए किया जागरूक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला हाथरस इकाई सिकंदराराऊ के मेडिविजन आयाम के तत्वाधान में हुआ जागरूकता कार्यक्रम
छात्राओं को महावारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए किया जागरूक
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला हाथरस इकाई सिकंदराराऊ के मेडिविजन आयाम के तत्वाधान में हुआ जागरूकता कार्यक्रम
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयाम मेडिविजन द्वारा सिकंदराराऊ नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में महावारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं में होने वाली पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के बारे में भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ अभाविप की प्रांत मेडिविजन प्रमुख डा सिमरन उपाध्याय, आर्य कन्या इंटर कॉलेज प्रबंधिका आरती त्रिवेदी , राष्ट्रीय सेविका समिति नगर संयोजिका सुमन मल्होत्रा, जिला संगठन मंत्री राज मिश्रा , जिला सहसंयोजक अखिल वार्ष्णेय , नगर अध्यक्ष इंद्रदेव पालीवाल , नगर सहमंत्री पीयूष शर्मा , आकाश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रांत मेडिविजन प्रमुख डा सिमरन उपाध्याय ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम को आम भाषा में (PCOS) कहते हैं। इसे पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) भी कहा जाता है। पिछले कुछ सालों में ये समस्या महिलाओं में तेजी से बढ़ी है। PCOS एक गंभीर हार्मोनल समस्या है, जिसकी वजह मेटाबॉलिक और प्रजनन संबंधी समस्या आती है। PCOS समस्या कई महिलाओं और लड़कियों में पाई जाती है लेकिन इसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। पीसीओएस के लक्षण पहले मासिक धर्म के समय के आसपास विकसित होते हैं। कभी-कभी ये समस्या एक उम्र के बाद भी हो सकती है। जैसे कि उम्र के साथ वजन बढ़ने से भी यह समस्या हो सकती है। पीसीओएस के लक्षण हर महिलाओं में अलग-अलग होते हैं। अनियमित या लंबे समय तक दर्द के साथ पीरियड्स का रहना PCOS का सबसे आम संकेत है। जैसे, साल में 9 पीरियड्स से कम होना, दो पीरियड्स के बीच में 35 दिनों से ज्यादा का अंतराल और असामान्य रूप से बहुत ज्यादा पीरियड होना।
PCOS की वजह से आने वाली मुख्य समस्या इनफर्टिलिटी होती है। कई बार मिसकैरिएज और प्रीमैच्योर बर्थ जैसी गंभीर दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है। इसके अलावा महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर, स्ट्रोक, दिल संबंधी बीमारी, गर्भाशय का कैंसर और शरीर में होने वाले बदलावों की वजह से डिप्रेशन की समस्या आ सकती है।
PCOS की मेडिकल ट्रीटमेंट भी कराई जा सकती है। इस केस में डॉक्टर हार्मोन को संतुलित करने के लिए दवाएं देते हैं और इसकी वजह से पीरियड्स नियमित हो जाते हैं। इनफर्टिलिटी की समस्या दूर करने के लिए ओवरी की सर्जरी भी की जाती है।
कार्यक्रम के दौरान विशाल वार्ष्णेय , आकाश शर्मा , पीयूष शर्मा , जयंत आर्य , राहुल कुशवाह , देव वार्ष्णेय , माधव वार्ष्णेय एवं समस्त विद्यालय की छात्राएं उपस्थित रही ।

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