जीवन में सुख प्राप्ति का एक ही मार्ग है गुरु :आचार्य गौरव कृष्ण पांडेय
कथा के चतुर्थ दिवस पर महाराज श्री ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चतुर्थ दिवस पर सभी भक्तों ने महाराज जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया।
भागवत कथा के पंचम दिवस पूज्य श्री गौरव कृष्ण पांडेय ने कथा पंडाल में बैठे सभी भक्तों को भजन "मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है "श्रवण कराया।
पूज्य गौरव कृष्ण पांडेय जी महाराज ने कथा की शुरूआत करते हुए कहा कि आपके पिताजी को आपकी चिंता जितनी होती है आपके गुरुदेव को आपके पिता से 10 प्रतिशत ज्यादा चिंता होती है। आपके पिता जी चिंता करते हैं खाओ कमाओ परिवार बढ़ाओ की, इससे ज्यादा आपके पिता जी चिंता नहीं करते लेकिन गुरुदेव जो हैं खाओ की भी चिंता करते हैं कमाओ की भी चिंता करते हैं परिवार बढ़ाओ की भी चिंता करते हैं और उसके बाद मुक्त हो जाओ की भी चिंता करते हैं। गुरु की शरण में आने से ईश्वर प्राप्ति का मार्ग सरल हो जाता है।
श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर भगवान कृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग का वृतांत सुनाया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान राकेश गुप्ता, वीरेंद्र कुमार वीरो लाला, धर्मेंद्र शर्मा, समाजसेवी पूर्व सभासद चेतन शर्मा, रिंकू शर्मा, अमरीश शर्मा, प्रदीप,अरविंद जादौन , भाई कामता प्रसाद शर्मा आदि सम्मानित सम्मानित प्रबुद्ध जनों ने व्यासपीठ की पूजा अर्चना मंगलाचरण एवं आरती उतारकर आज की कथा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के आयोजक राकेश गुप्ता , अनुज गुप्ता, अरुण गुप्ता, अनूप गुप्ता ने आगंतुक अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया। परशुराम सेना के पारस शर्मा द्वारा व्यासपीठ परम पूज्य आचार्य गौरव त्रिपाठी का पगड़ी पहनाकर व चुनरी उड़ाकर महर्षि परशुराम जी की तस्वीर देकर सम्मान किया गया ।

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