दहेज हत्या के आरोपी पति को न्यायालय ने सुनाई 7 बर्ष की सज़ा
महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के आईटीआई रोड पर दहेज में कार व पांच लाख की मांग को लेकर हुई विवाहिता की हत्या के मामले में पति को सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-16 राजीव शुक्ला की अदालत ने सुनाया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार घटना 8 सितंबर 2019 की है। वादी मुकदमा इंद्रपाल निवासी कछपुरा अवागढ़ एटा ने बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी बेटी गीता की शादी 12 दिसंबर 2018 को आईटीआई रोड के प्रशांत संग की। शादी में दिए दहेज से ससुराली खुश नहीं थे और कार व पांच लाख रुपये के लिए बेटी का उत्पीडऩ शुरू कर दिया। घटना वाले दिन उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या कर शव पंखे पर लटका दिया गया। जब वे मौके पर पहुंचे तो शव लटका मिला और ससुरालियों ने बताया कि मोबाइल छीन लेने के विवाद पर उसने आत्महत्या कर ली है। मगर पोस्टमार्टम में गला दबाए जाने के साक्ष्य मिले। इस आधार पर मुकदमे में नामजद पति प्रशांत के अलावा ससुर ओमप्रकाश के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर ससुर को बरी किया गया है, जबकि पति को 7 वर्ष कैद व 95 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें