उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में चल रहा अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उप-पंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय, सिकन्द्राराऊ परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन एवं कलमबंद हड़ताल आयोजित की गई।
धरने की अध्यक्षता दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. शोला चौहान एडवोकेट ने की। इस दौरान दी बार एसोसिएशन, सिविल बार एसोसिएशन, कातिब एसोसिएशन, स्टाम्प विक्रेता एसोसिएशन एवं टाइपिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एकजुट होकर सरकार के प्रस्तावित निजीकरण का विरोध किया।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत अधिवक्ताओं एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर के प्रमुख मार्गों पर पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके पश्चात महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि निबंधन विभाग के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए, क्योंकि इससे अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं, टाइपिस्टों तथा आम जनता के हित प्रभावित होंगे।
वक्ताओं ने कहा कि निबंधन कार्यालयों का निजीकरण न केवल पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाएगा, बल्कि इससे वर्षों से इस व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों के रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. शोला चौहान एडवोकेट ने आंदोलन को जनहित एवं रोजगार हित से जुड़ा बताते हुए सभी सामाजिक, राजनीतिक एवं किसान संगठनों से समर्थन की अपील की।
उन्होंने क्षेत्र के वर्तमान विधायक, सांसद, ब्लॉक प्रमुख, नगर पालिका अध्यक्ष, ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों, बीडीसी सदस्यों, सभासदों तथा किसान यूनियनों से इस आंदोलन में सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की मांग की। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की समस्त बार एसोसिएशनों से भी अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा हेतु आंदोलन का समर्थन करने तथा निजीकरण के विरोध में एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर जितेंद्र यादव सचिव सिविल बार, युवराज सिंह चौहान, नरेश प्रताप, गौरी शंकर गुप्ता, देवेंद्र दीक्षित शूल, जय प्रकाश गुप्ता, रनवीर सिंह, मुरारी लाल शर्मा, विपिन कुमार, सुरेश चंद्र, राधेश्याम यादव, महेश चंद्र अंजाना, ब्रजेश यादव, प्रमोद बघेल, महेंद्र सिंह यादव, वीरपाल सिंह यादव, अवनेश कुमार शर्मा, भरत सिंह कुशवाह, श्रीकृष्ण, देवकांत कौशिक, उदयवीर सिंह, सूरज पाल बघेल, राजेश यादव, सुखवीर सिंह, समीर यादव, योगेंद्र सिंह पुण्डीर, ग्रीस यादव, रंजीत पौरुष, विजय उपाध्याय, रूपेंद्र सिंह बघेल, दीपेश पाठक, प्रियांशु दरगढ़, भगवान सिंह, तौकीर अहमद, ऋषभ शर्मा, मुनेश कुमार, आनंद, विनय कुमार, चंद्रप्रकाश , इन्द्रपाल सिंह यादव, रेशमपाल, कल्लू सिंह कुशवाह, सलीम कुरैशी, अमित कुमार, राहुल वर्मा आदि मौजूद थे।
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