घटना के खुलासे को एसएसपी ने गठित की पांच सदस्यीय एसआईटी
अलीगंज- छात्रा की हत्या के सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ अभी भी खाली है। खुलासे के लिए जहां पुलिस विभाग की एसओजी, इंटेलीजेंस, सर्विलांस टीम के साथ छह अन्य टीमें भी लगाई जा चुकी है। घटना के जल्द खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लेकर जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं लगे हुए है। इस मामले के जल्द खुलासे के लिए पुलिस कप्तान ने पांच सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया है। किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के लिए खुलासे के लिए पुलिस ऐंडी से चोटी का जोर लगा रही है। दिन और रात में डेरा डालकर अधिकारी गांव में प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ कर रही है, लेकिन कोई भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस के सामने सबसे बडी परेशानी यही देखने को मिल रही है। रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय कुशवाह एवं सीओ सुधांशु शेखर के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया।
एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के खुलासे के लिए हर पहलू से जांच की जा रही है। टीमें निरंतर अपना कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना के लिए खुलासे के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए एक इंस्पेक्टर, दो सबइंस्पेक्टर एवं दो सिपाही की नियुक्ति कर एसआईटी गठित की है। उन्होंने कहा कि खुलासा जल्द किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर रखी जा रही है नजर
अलीगंज- घटना के बाद से सोशल मीडिया में तरह-तरह की वीडियो को अपलोड किया जा रहा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को नजरअंदाज किया गया है। एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे सोशल मीडिया पर वीडियो, फोटो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कई वीडियों में छात्रा के परिजनों को आत्मदाह करने के लिए उकवाने का भी मामला प्रकाश में आया है, ऐसे लोगों को चिहिन्त किया जा रहा है।
एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कुछ सोशल मीडिया का ग्रुप चलाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे है। जिस छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है उसका न तो फोटो, नाम, पता आदि को नहीं प्रचारित किया जा सकता है। इसके अलावा छात्रा के परिजनों को उकसाकर उसको आत्मदाह करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस तरह के वीडियो को बनाने तथा प्रचारित करने वालों के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी।
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