मानती थी न जो एक भी बात वो, प्यार में मेरे आकर सुधरने लगी

 मानती थी न जो एक भी बात वो,

प्यार में मेरे आकर सुधरने लगी 


सिकन्दराराऊ । 

भाईचारा सेवा समिति एवं विमल साहित्य संवर्धक संस्था एवं विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी द्वारा मोहित कुमार मोनू तहसील अध्यक्ष यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन सिकंदराराऊ के जन्मदिवस पर एक काव्यगोष्ठी का आयोजन मिश्री होटल पर किया गया। समारोह की अध्यक्षता भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव  ने की और संचालन कवि अवशेष मानवतावादी ने किया।

हास्य कवि पंकज पण्डा की सरस्वती वंदना के बाद शायर आतिश सोलंकी ने सुनाया -

बफा की राह में जब हद से गुजर जाओगे

इतना टूटोगे कि छूने से भी बिखर जाओगे

कवि अवशेष मानवतावादी ने पढ़ा-

जब तलक जिंदा मुहब्बत के पुजारी मुल्क में

कोई नफ़रत की कली भी खिल नहीं सकती कभी

कवि महेश यादव संघर्षी ने पढ़ा

मानवता का दौहरा व्यवहार तो देखिए।

आज का आप अखबार तो देखिए.......

हास्य कवि पंकज पण्डा ने पढ़ा -

कपड़े भी धोता हूँ मै वर्तन भी माँजता हू

कविता ही करूँ तो लुगाई मार डालेगी

युवा कवि शिवम् यदुवन्शी ने पढ़ा-

मानती थी न जो एक भी बात वो,

प्यार में मेरे आकर सुधरने लगी l

समारोह में देवा बघेल, रिंकू यादव, गौरव पुंडीर, शुभम वार्ष्णेय,रोहित बाबा, सचिन सिंह, रवि कुमार, अभिषेक वार्ष्णेय, राज वार्ष्णेय, कर्दम कुमार सिंह, अखिल वार्ष्णेय, हर्ष वार्ष्णेय, हेमंत कुमार, अमित द्विवेदी, मनोज कश्यप, सूरजपाल कश्यप, आदि सभी मौजूद रहे।

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