नाले में पानी कम कचरा ज्यादा, गर्मियों में बीमारियों का खतरा बढ़ा!
अलीगंज!अलीगंज में नाले नालियों की सफाई व्यवस्था पर दिन व दिन ग्रहण लगता जा रहा है। कस्वे में यदि नाले नालियों की हालत देखी जाये तो यहाँ पर सफाई व्यवस्था की पोल खुलती नजर आती है।वही सफाई कर्मी भी बेलगाम हो रहे हैं।नाले-नालियों में पसरी गंदगी प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान द्वारा चलाए जा रहे 'जिम्मेदार नागरिक, जिम्मेदार शहर' अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। नाले को गंदा करने में नगरवासियों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। अपना घर साफ करने के बाद लोग जाने-अनजाने में नाले में कूड़े-कचरे को डंप कर रहे हैं। खास बात है कि एक-दूसरे को कचरा फेंकने से रोकने की बजाय लोग पास में स्थित नालों को कूड़ेदान बनाने पर तुले हुए हैं। इस कारण नाले का पानी जहां प्रदूषित हो चुका है, वहीं इससे आने वाली बदबू से राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।अलीगंज के अधिकाशतः नाले व नालियां गन्दगी से भरी हुई है।अलीगंज के सराय अड्डा मार्ग पर स्थति नाले की दशा और भी ज्यादा खराव है मोहल्ला मेवाती के अलावा आसपास के दुकानदार भी इस नाले की गन्दगी से परेशान है। नाले में सबसे ज्यादा पालीथीन व कचरा भरा पड़ा है भीषण गर्मी के चलते मच्छर व तरह तरह की बीमारी फैल रही है। नालों में करीब दो महीने से कचरे का अंबार है, लेकिन इसकी सफाई के लिए कोई पहल नहीं हुई। डस्टबीन भर जाने के बाद लोग नाली-नालियों में गंदगी बहा रहे हैं। नालों में गंदगी का अंबार है। कचरे में व्याप्त पॉलिथीन झिल्ली न सिर्फ एनवायरमेंट के लिए आफत है, बल्कि मवेशियों की जिंदगी के लिए भी खतरा बन गया है। बीमारियों का भी ख्रतरा मंडरा रहा है। नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण कचरा सड़ने लगा है। इसकी बदबू राहगीरों को परेशान कर रही है। नालों में ना ही ब्लीचिंग पाउडर और डीडीटी का छिड़काव किया जाता है। बताते चले इस बार नवनिर्वाचित पालिका ध्यक्ष सुनीता गुप्ता के लिये नगर की सफाई व्यवस्था में बहुत कुछ करना है।अभी नवनिर्वाचित अध्यक्षों का शपथ ग्रहण भी नही हुई है। वही प्रशासनिक जिम्मेदार मूक बने हैं।
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