दुबई से काव्यपाठ कर लौटे सिकन्दराराऊ के प्रथम आगमन पर गीतकार डॉ. अजय अटल का नागरिक अभिनंदन
भाईचारा सेवा समिति एवं विमल साहित्य संवर्धक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वृहद काव्य गोष्ठी में दुबई से काव्यपाठ कर लौटे सिकन्दराराऊ के प्रथम आगमन पर प्रख्यात गीतकार डॉ. अजय अटल का नागरिक अभिनंदन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता घुम्मकड़ कवि गाफिल स्वामी ने की और संचालन शिवम कुमार आज़ाद ने किया। काव्यगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि नरेन्द्र सिंह जादौन निदेशक जिला सहकारी बैंक एवं विशिष्टि अतिथि भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश यादव संघर्षी एवं राष्ट्रीय उपाध्याय हरपाल सिंह यादव ने माँ शारदे के छविचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण गीतकार डॉ. अजय अटल ने कहा कि मैं अपनी विदेश में काव्यपाठ की उपलब्धि का श्रेय अपने प्रशंसकों को देता हूँ। दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा में मेरे साथ फिल्मी गीतकार शकील आजमी, कवयित्री गौरी मिश्रा, फिल्मी कलाकार एम एस खान, अली खान, सज्जाद झंझट आदि लोग उपस्थित रहे थे। समारोह में हिंदी गीत गजलों की भरपूर मांग की गयी।
काव्यपाठ की शुरुआत हास्यकवि पंकज पंडा की सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद युवा गीतकार सर्जन शीतल ने पढ़ा-
एक ही शब्द में सब जहां लिख दिया।
लिख दी सारी जमीं आसमां लिख दिया।
शिवम कुमार आज़ाद ने पढ़ा-
उत्सव ये मनाने के लिए खास आ गए ।
मन अपने लिए हम भी एक आस आ गए ।
शायर आतिश सोलंकी ने पढ़ा -
मेरे ज़ख्म नासूर ना हों तो क्या हों,
मेरे दोस्तों की ये हैं महरबानी।
हास्यकवि प्रमोद विषधर ने पढ़ा-
हम जैसे बुद्धू बहुत पछताते हैं।
अपने से अधिक धनाढ्य परिवार से पत्नी लाकर के।
अवशेष कुमार विमल ने पढ़ा-
गीत की पावन नदी में अब उतर जायें चलो।
ज़िन्दगी की राह में कुछ पल ठहर जायें चलो।
घुमक्कड़ कवि गाफिल स्वामी ने पढ़ा-
सत्य प्रेम की आजकल, चलती नहीं दुकान।
झूठे बेईमान का, बिकता हर सामान।
शायर कासिफ जमाल ने पढ़ा-
चलो कि हम भी चलें अपने अपने घर की तरफ
परिंदे लौट के जाने लगे अब शजर की तरफ
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मोहित कुमार मोनू, राजेश उपाध्याय अध्यक्ष सहकारी समिति बस्तोई , मुहम्मद हनीश, रविकांत लेखपाल, रामखिलाड़ी यादव पूर्व प्रधान, नागेंद्र पाल सिंह अध्यक्ष सहकारी समिति जिरोली कलां, चौ. विशाल यादव, गोलू यादव, संजय कुमार, उमेश यादव आदि उपस्थित रहे।

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