14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर शिविर लगाने हेतु जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन
रक्त की महत्ता का ज्ञान जब होता है जब अपना कोई रक्त की कमी के कारण जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता है।एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स द्वारा 14 जून विश्व रक्तदाता दिवस पर लगने वाले शिविर की जागरूकता के लिए निमिषा कोचिंग सेंटर पर संचालक नीरज शर्मा की अध्यक्षता में रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।
एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि खून में लौह तत्व का स्तर बढ़ने पर ह्रदय रोग की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन नियमित रक्तदान करने से बेकार लौह तत्व शरीर से बाहर चला जाता है । इस प्रकार हृदयाघात का खतरा एक तिहाई कम हो जाता है। साथ ही साथ कैंसर का खतरा कम हो जाता है ।
जिलाध्यक्ष डॉ. पी. पी. सिंह ने कहा कि 1 साल में नियमित रक्तदान करने से 70 प्रतिशत गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। साथ ही साथ खून पतला होने से चेहरे पर दाग,धब्बे मिट जाते हैं। त्वचा संबंधी रोगों की 85 प्रतिशत होने की संभावना कम हो जाती है।
जिला महासचिव नवीन गुप्ता ने कहा कि रक्तदाता के खून की जांच का एक छोटा सा परीक्षण भी हो जाता है। जिसमें ब्लड ग्रुप,रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन,एचआईवी हेपेटाइटिस बी और वीडीआरएल मलेरिया की जांच मुफ्त में हो जाती है ।
कोचिंग संचालक नीरज शर्मा ने कहा कि मैं और मेरा परिवार भी नियमित रूप से रक्तदान करता है और मैं सभी छात्र-छात्राओं से अपील भी करता हूं कि आप सभी सपरिवार इस रक्तदान शिविर में पहुंचकर अपना सहयोग करें।
शिविर की तैयारियों में अमन बंसल आदि सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।

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