अलीगंज के नकटई खुर्द में दूसरे दिन भी सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करबाने में जुटे रहे तहसील अधिकारी! तहसीलदार लेखपाल के अलावा सर्किल फोर्स मौजूद पूरे दिन तक खेतों में चलते रहे ट्रैक्टर!ढाका में दो ईट भट्टा भी हटवाये।
अलीगंज के नकटई खुर्द में दूसरे दिन भी सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करबाने में जुटे रहे तहसील अधिकारी!
तहसीलदार लेखपाल के अलावा सर्किल फोर्स मौजूद
पूरे दिन तक खेतों में चलते रहे ट्रैक्टर!ढाका में दो ईट भट्टा भी हटवाये।
अलीगंज क्षेत्र के ग्राम नकटई खुर्द में काफी समय से दबंगों ने 72 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा था कब्जे करने के साथ साथ उक्त जमीन पर फसलें भी उगा रहे थे।लगातार शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया और सोमबार को बड़ी कार्यवाही कर डाली। मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार ग्राम नकटई खुर्द में सरकारी जमीन थी जो लगभग 72 वीघा जमीन थी जिस पर गाँव के ही लोगों ने बिगत कई वर्षों से कब्जा कर रखा था जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा लगातार की गयी। उपजिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह अलीगंज की मौजूदगी में तहसीलदार अलीगंज राकेश सिंह व नायव तहसीलदार अलीगंज सुशील कुमार राजपूत के साथ अलीगंज जैथरा राजा का रामपुर पुलिस बल के साथ ग्राम नकटई खुर्द में सरकारी भूमि पर ग्राम नकटई खुर्द रमेष पुत्र जवर सिंह, सर्वेष पुत्र जवर सिंह, गोविन्द पुत्र रामगोपाल नरेन्द्र पुत्र फौजदार मिश्रीलाल पुत्र धर्मजीत रामवती पत्नी स्व0 रामनरेष कृपाराम पुत्र खुषीराम एवं जितेन्द्र पुत्र रामवीर द्वारा 72 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। अवैध कब्जे को सभी की मौजूदगी में दूसरे दिन भी सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। उक्त अवैध कब्जे वाली भूमि की जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार मालियत मु0 1,08,00,000-00 (एक करोड आठ लाख) रूपया बताई गयी सोमवार को देर शाम तक लगभग 40 से 50 वीघा व शेष सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त जमीन पर फसल को हटवाया जा रहा था। वही नायव तहसीलदार सुशील राजपूत ने बताया कि इस ढाका की जमीन पर दो ईट भट्टे भी लगे थे एक चल रहा था वही दूसरा बन्द था। बताया गया कि ग्राम नगला गजपति निवासी आशीष पुत्र कुँवरपाल आशीष ईट भट्टा के नाम से चल रहा था वही भट्टे को हटवाया गया जिसमें एक लाख 95 हजार ईट कुर्क की वही दो नालियों में ईंट थी कार्यवाही की गयी वही दूसरे भट्टा बन्द था उसके परिजनों ने लिख कर दिया कि हम लोगों को कोई मतलव नही है दूसरे दिन लगभग काफी जगह को कब्जा मुक्त किया गया जगह जगह पट्टे होने से कार्य में देरी लग रही है कुल 58 हेक्टेयर जमीन है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें