बीमार मां के इलाज के लिए रखे थे पैसे,निकाल लेगए एआरओ
अधिकारियों और विधायक को रो रो कर सुनाई दास्तां
भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार चाहे लाख प्रयास कर ले लेकिन अधिकारियों के द्वारा भ्रष्टाचारी रुकने का नाम नहीं ले रही है।पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद एटा के तहसील अलीगंज में चल रहे समाधान दिवस में उस समय देखने को मिला जब क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के साथ में अधिकारियों का सताया हुआ पीड़ित व्यापारी तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा।दरअसल पूरा मामला तहसील क्षेत्र अलीगंज के कस्बा राजा के रामपुर का है।मुकेश कुमार गुप्ता मूल रूप से मोहल्ला कुंजडियांन में मोटर वाइंडिंग पंखे रिपेयरिंग की मरम्मत करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। दिनांक
20 जनवरी को दोपहर तकरीबन 1:00 बजे पूर्ति विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी रामदत्त अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कस्बा राजा के रामपुर स्थित मोहल्ला कुजड़ियान में मुकेश गुप्ता की दुकान पर पहुंचे जहां उन्होंने इसकी दुकान पर दो खाली सिलेंडर रखे हुए पाए।
*यह मेरी दुकान पर आए इनको खाली सिलेंडर मिले इन लोगों के द्वारा ₹50000 की मांग की गई.जब मैंने पैसे देने में असमर्थता जाहिर की तभी साथ में आए एक कर्मचारी ने दुकान में रखी गुल्लक खोल करके रखे हुए ₹17000 निकाल लिए यह पैसे मैंने अपनी बीमार मां के इलाज के लिए रखे हुए थे।*
*_मुकेश गुप्ता,पीड़ित_*
रोते गिड़गिड़ाते मुकेश आज तहसील समाधान दिवस में पहुंचा तो लोगों की आंखें पीड़ित मुकेश कुमार की तरफ टकटकी लगाये हुए देख रही थी।मुकेश रोते बिलखते हुए अपनी व्यथा को अधिकारियों को सुना रहा था।
मुकेश ने रूंधे हुए गले गिडगड़ाते हुए बताया मेरी मां को अस्थमा की बीमारी है।जिसका इलाज बीते 1 साल से पास में सटे हुए जनपद बदायूं से चल रहा है।मैंने यह पैसे अपनी बीमार मां के इलाज के लिए रखे हुए थे, "मुझे क्या पता था कि यह अधिकारी आ जाएंगे और मेरे पैसे निकाल लेंगे और मेरी मां का इलाज नहीं हो पाएगा." मैं आज के ही दिन दवाई लेने के लिए बदायूं जाने वाला था लेकिन इन अधिकारियों ने मेरे पैसे निकाल लिए और मैं दवाई लेने के लिए नहीं जा पाया और मेरी मां बीमार घर पर पड़ी हुई है.
*विधायक और अधिकारियों के सामने मिन्नते करता रहा मुकेश*
तहसील परिसर में करीब 12 बजे के समय उस वक्त हंगामा मच गया जब मुकेश अपने पिता को रो-रो कर के अधिकारियों के सामने अपनी दास्तां सुना रहा था।इस वक्त तहसील समाधान दिवस में प्रतिभाग करने के लिए पहुंचे जिले के एडीएम एडिशनल एसपी एसडीएम सीओ समेत खुद क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर मौजूद थे।
दबी हुई जुबान में अधिकारियों ने बताया हम इनके पैसे वापस करवा देंगे। पैसे तो वापस हो जाएंगे मुकेश के यह बात तो कहीं तक समझ में आ रही है आखिर जब इस तरीके से अधिकारियों के द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों को बचाया जाएगा तो भ्रष्टाचार मुक्त होने के दावे खोखले नजर आएंगे।
*आमने-सामने पीड़ित ने लगाई एआरओ पर आरोप*
शिकायत करने के लिए पहुंचे पीड़ित का जब आमना सामना ही एआरओ से हुआ तो पीड़ित हाथ छोड़ कर के कह रहा था आप मेरी दुकान में आए और आपके सामने आपके कर्मचारियों ने गुल्लक में रखे हुए ₹17000 निकाल लिए साहब हम बहुत गरीब आदमी हैं। यह पैसे मैने अपनी मां के इलाज के लिए रखे थे। इन पैसों को आप मुझे वापस कर दीजिए जिससे मैं अपनी मां का इलाज करवा सकूं।
इस पूरे मामले पर क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी रामदत्त ने बताया हमारे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार बेबुनियाद हैं कल मैं इनके यहां चेकिंग पर गया था सिलेंडर मिले थे हमने कोई कार्रवाई भी नहीं की और पैसे निकालने का आरोप झूठा और बेबुनियाद है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें