सुन्दरकाण्ड का पाठ मन को शांति और सुकून देता है: अरुण पचौरी
नगर के जागेश्वर महादेव मंदिर पर रविवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्वान आचार्यों के पावन सानिध्य में मंदिर पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
आचार्य अरुण पचौरी ने कहा कि सुन्दरकाण्ड का पाठ मन को शांति और सुकून देता है। मानसिक परेशानियों और व्याधियों से यह छुटकारा दिलवाने में कारगर है।सुन्दरकाण्ड का पाठ करने से पहले ये मन में विश्वास रखें कि जैसे हनुमानजी ने श्री राम जी के सब काज सवारे हमारे भी सब कष्ट हरेंगे।सुंदरकांड में तीन श्लोक, साठ दोहे तथा पांच सौ छब्बीस चौपाइयां हैं । साठ दोहों में से प्रथम तीस दोहों में विष्णुस्वरूप श्री राम के गुणों का वर्णन है । सुंदर शब्द इस कांड में चौबीस चौपाइयों में आया है । सुंदरकांड के नायक रूद्रावतार श्रीहनुमान हैं ,सुन्दरकाण्ड के पाठ से बहुत सारे लाभ होते हैं।सुन्दरकाण्ड के पाठ से बहुत सारे लाभ होते हैं। इसका पाठ करने से विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलता है। यह आत्मविश्वास में बढोतरी करता है और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मददगार होता है, बुद्धि कुशाग्र होती है, अगर बहुत छोटे बच्चे हैं तो उनके माता या पिता उनके लिए इसका पाठ करें। इसका पाठ मन को शांति और सुकून देता है। मानसिक परेशानियों और व्याधियो से ये छुटकारा दिलवाने में कारगर है। जिन लोगों को गृह कलेश की समस्या है। इस पाठ से उनको विशेष फल मिलते हैं।
इस अवसर पर मुन्नालाल दीक्षित, कमल कांत दीक्षित, सचिन दीक्षित, गोपाल दीक्षित, सतेंद्र यादव, सुभाष यादव, आलोक वर्मा, निखिलवर्ती पाठक आदि मौजूद रहे।

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