स्थानीय रेलवे मार्ग पर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में वंदना सत्र के समय समाजसेवी दलित उद्धारक, लेखक ,साहित्यकार, प्रखर पत्रकार, विधि वेत्ता व संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र के समक्ष पुष्पार्चन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष कुमार व कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नरेंद्र कुमार रहे।
डॉ भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्ता नरेंद्र कुमार ने कहा कि यह महापुरुष असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे । डॉ भीमराव अंबेडकर ने जीवन से संघर्ष करते हुए भारत को एक नई दिशा देने का कार्य किया। शिक्षा के क्षेत्र में 32 डिग्रियां प्राप्त करने वाले प्रथम महापुरुष थे। जिस समय डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ उस समय भारत देश विभिन्न कुरीतियां एवं छुआछूत की भावना से ग्रसित था। विषम परिस्थितियां होने पर भी डॉक्टर अंबेडकर ने न केवल समाज में समन्वय का कार्य किया बल्कि भारत की स्वतंत्रता पश्चात संविधान निर्माता का कार्य कर भारत की आजादी को अक्षुण्य किया ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने कहा कि डॉ आंबेडकर के चरित्र का अनुसरण करना चाहिए। डॉक्टर अंबेडकर ने शिक्षा पर बल दिया । शिक्षा के आधार पर ही किसी भी समाज और देश का उद्धार संभव है।
इस अवसर पर अजब सिंह , रक्षपाल सिंह , अजय कुमार, अशोक आर्य, सतीश कुमार, अजीत कुमार, कृपाल सिंह , मुकेश कुमार, राजीव कुमार , कृष्ण चंद्र, अर्जुन सिंह , नवल किशोर, राजकुमार , विजेंद्र शर्मा, महिपाल सिंह , कायम सिंह, महेश चंद, उपासना सिंह, रिंकी शर्मा , नीलम महेश्वरी, सुमन मल्होत्रा, सुष्मिता सिंह आदि उपस्थित रहे।
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