बम बम भोले...हर हर महादेव के जयघोषों के साथ अमरनाथ यात्रा का जत्था रवाना... शिव की कृपा बिना संभव नहीं है यह दुर्लभ यात्रा : स्वामी पूर्णानंदपुरी जी
बम बम भोले...हर हर महादेव के जयघोषों के साथ अमरनाथ यात्रा का जत्था रवाना... शिव की कृपा बिना संभव नहीं है यह दुर्लभ यात्रा : स्वामी पूर्णानंदपुरी जी
अलीगढ़। सनातनियों की पवित्र यात्राओं में एक बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु अमरनाथ की यात्रा धारा 370 हटने के बाद 30 जून से प्रारंभ हो रही है। जिसके लिए देश के जगह जगह से शिव भक्त बाबा के दर्शन को प्रस्थान करने लगे हैं और यथाशक्ति यात्रियों की हर संभव मदद हेतु अनेक खाने पीने की वस्तुएं भी अपने साथ ले जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर के धर्मगुरु महामंडलेश्वर स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज के निर्देशन में ओम श्री अमरनाथ सेवा मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों सहित वॉल्वो बस द्वारा शिवभक्त बुधवार को रवाना हुए। बुधवार प्रातः अमरनाथ जाने श्रद्धालुओं का आचार्य गौरव शास्त्री, मनोज मिश्रा आदि आचार्यों ने विधि विधान से पूजन अर्चन करवाया तत्पश्चात महामंडलेश्वर स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा एवं राकेश सक्सेना ने सामूहिक रूप से नारियल फोड़कर एवं हरि झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अमरनाथ यात्रा में जाने वाले सभी भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद पहली बार बाबा के दर्शन करने का लाभ सभी शिव भक्तों को मिलने जा रहा है। यात्रा में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो ,इसके लिए भारत सरकार द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने बताया कि अमरनाथ यात्रा अत्यंत कठिन यात्राओं में से एक है। इस यात्रा में बिना भगवान शिव की कृपा के जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़े केंद्र के रूप में बाबा बर्फानी यानी अमरनाथ यात्रा है कोरोना महामारी की वजह से दो साल बाद इस साल फिर से यात्रा 30 जून से शुरू होकर 43 दिनों तक चलेगी। ओम श्री अमरनाथ सेवा मंडल समिति के अध्यक्ष मुकेश शिवम ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी समिति द्वारा जरूरतमंदों की सहायता हेतु अन्न सामिग्री एवं दवाइयां भेज दीं गयी है। उपाध्यक्ष पंकज वार्ष्णेय ने कहा कि अमरनाथ यात्रा कठिन यात्राओं में एक है । अतः पहाड़ी रास्तों हेतु निरंतर सेवा देनेके लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना भी अति आवश्यक है। जिसके लिए समस्त इंतजाम हमारी समिति के द्वारा किये गए हैं। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण इस बार जाने वाले छोटे छोटे शिव भक्त हैं। माना जाता है अमरनाथ यात्रा हेतु 18 वर्ष आयु रखी गयी है। इस जत्थे में जाने वाले ऋषभ उपाध्याय ने बताया कि मुझे कई वर्षों से इंतजार था कि बाबा के दर्शन गुरु जी के सानिध्य में किये जाएं। आज की इस दस दिवसीय यात्रा में शामिल होना किसी सपने के पूरे होने जैसा लग रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी 45 शिव भक्तों ने हर हर महादेव के जयघोषों के साथ अचलेश्वर महादेव व बस स्टेण्ड बाली मैया के दर्शन कर अपनी यात्रा को आरंभ किया। जत्थे को रवाना के समय प्रमोद गुप्ता, प्रवीन वार्ष्णेय, राजनीश वार्ष्णेय, पवन तिवारी, कमल उपाध्याय, अंकित त्रिपाठी, किशन बाबा, संजय अग्रवाल, सुनील राजदरवार, मनोज छोटू, किशन गुप्ता, योगेश सिंघल, सुमित वर्मा, प्रदीप वर्मा, रीना उपाध्याय, दीप्ती वर्मा, मनोज उपाध्याय, उमेश खन्ना, गौरीशंकर, किशोर वार्ष्णेय, शशि गुप्ता, संतोष यादव, विवेक सारस्वत आदि शिव भक्त उपस्थित थे।

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