एटा।* यूनिसेफ द्वारा जारी की गई अप्रैल माह की रैंकिंग में जनपद एटा को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। डीएम प्रेम रंजन सिंह ने मंगलवार को कैम्प कार्यालय पर टीकाकरण एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान से जुड़े अधिकारियों, यूनीसेफ टीम के साथ बैठक की। डीएम ने समीक्षा में पाया कि गत माह में जनपद एटा को टीकाकरण में चतुर्थ स्थान एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान में 10वां स्थान मिला था, अप्रैल माह में की गई कड़ी मेहनत के उपरान्त राज्य स्तर से जारी की गई रैंकिंग में टीकाकरण में द्वितीय एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान में जनपद एटा को 9वां स्थान प्राप्त हुआ है, मण्डल में एटा की रैंकिंग प्रथम है। डीएम ने टीकाकरण में सुधार हेतु जिले के 100 अधिकारियों को नियमित निरीक्षण हेतु तैनात किया है, जो लगातार अपने आवंटित ग्रामों में जाकर टीकाकरण की समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा संचारी रोग नियंत्रण अभियान की भी अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जा रही है। डीएम ने कहा कि यूनीसेफ एक स्वतंत्र संस्था है, यूनीसेफ द्वारा वीएचएनडी सत्रों पर 21 महत्वपूर्ण इंडीकेटर पर मॉनीटरिंग की जाती है। जिसमें टीकाकरण स्थल पर एएनएम के सामानों यथा बजन मशीन, वीपी मशीन, यूरिन टेस्ट किट, हीमोग्लोबिन, एचआईवी किट, सैम बच्चों के उपचार हेतु 6 प्रकार की दवाएं, गर्भवती महिलाओं की पेट जांच एवं आईसीडीएस विभाग के लिए बच्चों की बजन मशीन, इफ्रेन्टोमीटर बच्चों की लम्बाई के लिए, स्टेंिडयोमीटर बच्चों की लम्बाई के लिए इत्यादि सामानों की उपलब्धता एवं सर्विस इत्यादि की मॉनीटरिंग की जाती है।
यूनीसेफ डीएमसी आलोक वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी को दिए गए पिछले माह के फीडबैक के उपरान्त अप्रैल माह में अधिकारियों की टीकाकरण सत्रों का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी लगाई। जिसके उपरान्त जिले की स्थिति में सुधार हुआ है, एटा जनपद पिछले माह मार्च की रैंकिंग में चौथे स्थान पर था, परन्तु अप्रैल माह में हुए सुधार के बाद जनपद एटा को द्वितीय रैैंक मिली है। मण्डल में एटा जनपद शीर्ष पर कायम है। मण्डल कॉर्डीनेटर खादिल सर्फुद्दीन ने बताया कि जिलाधिकारी एटा द्वारा यूनीसेफ की टीम को सम्मानित किया जाना टीम के लिए गौरव की बात है।
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