एटा।* सभागार भवन अंबेडकर नगर में "माता रमाबाई अंबेडकर प्रबुद्ध महिला जागृति संघ के द्वारा माता रमाबाई अंबेडकर का 89 वां महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोनप्रभा जीवनसंगिनी विजयपाल सिंह के द्वारा की गई। संगठन की जिलाध्यक्ष डॉ. मालती सिंह द्वारा माता रमाबाई को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि माता रमाबाई के कठिन परिश्रम, त्याग, बलिदान और समर्पण के कारण आज हम अर्थात समस्त नारी शक्ति को एक नई दिशा व दशा मिली है। माता रमाबाई के अतुलनीय योगदान जिसमें माता रमाबाई ने बाबा साहेब की शिक्षा अवरुद्ध न हो जिसके चलते अनेकों प्रकार की आर्थिक स्थितियों को झेलते हुए चार बच्चों की भी आहुति देकर बाबा साहब के सफर में कभी पारिवारिक बाधा नहीं आने दी। । इस कारण माता रमाबाई को त्याग और बलिदान की मूर्ति भी कहा जाता है। माता रमाबाई के ही कारण भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय स्थान हासिल कर भारतीय संविधान को रच कर इतिहास बना डाला, जिसके द्वारा समाज में समानता, बंधुत्व, भाईचारा स्थापित करते हुए वंचितों और शोषितों को उनके अधिकार दिलायें। सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के समस्त पदाधिकारी बबीता भारती, नीरज दिनकर, कमलेश बौद्ध, मीना देवी, सरोज सिंह, मंजू प्रभाकर, अनीता दुर्रानी, अनीता राव, रजनी चौधरी, सुनीता बौद्ध, सपना सिंह,अमिता कुमारी,आदेश कुमारी, गुड्डो देवी, अल्का, शकुंतला देवी, सीमा, राम प्यारी, प्रियंका, मीरा सिंह,सोन प्रभा, अनार देवी, विमला, प्रेमलता, कमलेश, उमेश प्रताप सिंह दिनकर, कृष्ण गोपाल बौद्ध, लाल सिंह मौर्यो, शैलेंद्र प्रताप सिंह, अनंत प्रताप सिंह एवं दीपक राज अंबेडकर आदि द्वारा श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित होकर विचार गोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया।
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