रेलवे मार्ग पर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में वार्षिक गृह परीक्षा संपन्न हुई। प्रातः काल वंदना सत्र में प्रधानाचार्य सुभाष कुमार ने होली की शुभकामनाएं सभी भैया बहनों को दी तथा बताया कि होली हमारा सामाजिक पर्व है । प्राचीन काल में हमारे यहां यज्ञ परंपरा थी उस समय सभी नगर एवं ग्रामवासी मिलकर के भव्य यज्ञ का आयोजन करते थे। जिससे पर्यावरण शुद्ध हो जाता था तथा अनेक बीमारियां समाप्त हो जाती थीं। समाज बड़े सुख संपन्न से रहता था ।आज मानव भौतिक सुख सुविधाओं में पड़कर प्रकृति की दोहन एवं शोषण में लगा हुआ है। वह उसके संरक्षण की ओर ध्यान बहुत कम दे रहा है । आज मनुष्य सुविधाभोगी होता जा रहा है। वैदिक काल में मानव अपने स्वयं तथा समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत रहता था। प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप अहंकार प्राप्त कर स्वयं को स्वयंभू मान लिया । अपनी पूजा पाठ सभी जगह कराना प्रारंभ कर दी।इस अभिमान को नष्ट करने के लिए भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद ने पुत्र रूप में जन्म लेकर के अपने पिता का कल्याण किया और समाज को एक नई दिशा दी। सभी छात्रों से आग्रह किया गया कि होली पर सावधानियां रख करके होली खेलें। गुलाल रंगों का प्रयोग करें तथा किसी की आंखों में रंग नहीं डालें तथा अपने आसपास साफ सफाई करें, कहीं गंदगी ना रहने पाए ।ऐसा संकल्प हमें करना चाहिए ।
इस पर्व पर हम सब अपने घर में न्यूनतम 200 ग्राम सामग्री से गायत्री मंत्र के द्वारा आहुति लगाएंगे जिससे पर्यावरण शुद्ध होगा । इस अवसर पर समस्त आचार्य बंधु एवं भैया बहन उपस्थित रहे।
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