एटा* । अवागढ़ के कृषि विज्ञान केन्द्र पर गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। अध्यक्षता डा. एसके सिंह ने की। उन्होनें किसानों से कहा कि आज के दौर में प्राकृतिक खेती अति आवश्यक है। किसान रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक रूप से उपलब्ध संसाधन बीजामृत, घनजीवामृत, मल्चिंग, वापसा एवं जीवामृत का प्रयोग करने से खेत में जीवाणुओं की वृद्धि करने में सहायक होगी।
वहीं भूमि के भौतिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। दीप्ती सिंह ने जलवायु परिवर्तन से तापमान में दिनों दिन हो रही वृद्धि पर चर्चा करते हुए बताया कि इसके कारण पानी की समस्याऐं बढ़ती जा रही है। किसानों को सुझाव दिया कि वह कम पानी में मोटे अनाजों की खेती कर जल, वायु एवं पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। नीरज सिंह ने बताया कि श्रीअन्न खाने से शरीर को कई लाभ होते है। इसमें प्रोटीन, केल्शियम, आयरन एवं विटामिन की मात्रायें पाई जाती है। जो शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है। डा दिनेश मिश्र ने बताया कि किचन गार्डन में प्राकृतिक तरीकें से अपने घर की सब्जियों एवं फलों के छिलकों का खाद बनाकर प्रयोग करें। किसान दुरर्बीन सिंह, गौरीशंकर ने किसानों को स्वच्छता की शपथ दिलायी। गौरव प्रताप सिंह, अंकुर राजपूत, सचिन कुमार, रघुनंदन, हरीशंकर, रवीन्द्र कुमार, पुष्पेन्द्र सिंह, राहुल कुमार, किशनपाल, आदि थे।
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