भगत सिंह तब भी जिन्दा था भगत सिंह अब भी जिन्दा है ...... स्वतंत्रता दिवस पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सम्पन्न
स्थानीय मैण्डू रोड़ स्थित महादेव नगर कॉलोनी में बालाजी एन्टरप्राइजिजि के प्रांगढ़ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश के श्रेष्ठ कवियों ने देशभक्ति कविताओं के माध्यम से लोगों को जागृत करने का काम किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छतरपुर मध्यप्रदेश के पधारे महाकवि श्रीप्रकाश पटैरिया द्वारा की गयी। तथा मुख्य अतिथि के रूप में नगर के प्रमुख समाज सेवी डॉ विकाश कुमार शर्मा द्वारा मॉ सरस्वती के छविचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को विधिवत प्रारम्भ किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक और संचालक ओज कवि राणा मुनि प्रताप की सरस्वती वन्दना से प्रारम्भ हुये कवि सम्मेलन में आयोजक कवि देवेश सिसोदिया द्वारा सभी कवियों का और मुख्य अतिथि डॉ विकाश कुमार शर्मा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
इस दौरान डॉ विकाश कुमार शर्मा ने अपने सम्बोधन मे कहा कि हमें सदैव राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने की आवश्यकता है जिन लोगों ने आजादी के समय शहादत पायी है उन सभी क्रान्तिकारियों को सदैव स्मरण रखना चाहिये क्यों कि उनके बलिदान की बजह से ही आज हम स्वतंत्रा पूर्वक चैन की सांस ले रहे हैं।
छतरपुर मध्यप्रदेश से महाकवि श्रीप्रकाश पटैरिया ने अपनी ओजमयी वाणी से कहा कि हजारों क्या करोड़ो मंे बसी है आत्मा उसकी, भगत सिंह तब भी जिन्दा था भगत सिंह अब भी जिन्दा है।
कवियों में मुख्य रूप से गुरूसंराय से आये विवेक बरसैयां, झांसी से आये देवेन्द्र नटखट, मुरैना से आये पवन तौमर, सबलगढ़ से आये अनिल मुदगल, लवकुशनगर से आये सूरज गर्ग, उन्नाव से आये शिवांश शुक्ला सरस आदि कवियों ने काव्यपाठ कर वाह वाही लूटी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से राहुल यादव, गौरव सिसोदिया, पूरन सिंह, नेत्रपाल, राहुल पाल, सत्यम, कृष्ण, राणा ऋषि प्रताप, ज्ञानेश सिसोदिया, योगेन्द्र गहलोत, मतेन्द्र सिंह गहलोत, टेकपाल कुशवाह, आरके शर्मा आदि लोगों ने कवियों का फूलमाला और पट्टिका पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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