एटा।* पर्यावरण मित्र कार्यक्रम और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन पर्यावरण शिक्षक केन्द्र सीईई द्वारा गुरूवार को जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान हरचंदपुर के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यशाला का आयोजन बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार के आदेश पर मुकेश कुमार यादव (एआरपी) के निर्देशन में किया गया। जिसमें जनपद के 8 ब्लाक एवं नगर क्षेत्र से 60 विद्यालयों से एक-एक शिक्षक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जल एवं सस्टेनेबिलिटी विषय पर सीईई के प्रतिनिधि नीरज पाल एवं जितेन्द्र पटेल ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। नीरज पाल ने बताया कि वर्तमान समय में हमारे उपयोग हेतु जल की मात्रा और उसकी गुणवत्ता लगातार प्रभावित होती जा रही है। देश के कुछ क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता गंभीर संकट बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि विश्व में उपयोग हेतु जल के गंभीर संकट से जूझ रहे 17 देशों में भारत का स्थान 13 वां है। इन गंभीर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमें अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को जागरूक और शशक्त बनाने की आवश्यकता है और उनमे ऐसे कौशल विकसित करने की आवश्यकता है ताकि वे आगे आने वाली इन पर्यावरणीय समस्याओं से निपट सकें और साथ ही अपने आस-पास के पर्यावरण को संरक्षित करने हेतु व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर कार्यवाही कर सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यालयों में बच्चों को प्रभावी रूप से जागरूक करते हुए उनमे ऐसे कौशल विकसित करने पर आधारित है। जिनसे वे अपने परिवेश और सामाजिक स्तर पर जल संसाधनों के संरक्षण, कचरे के उचित निस्तारण के साथ-साथ पर्यावरण के संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को इस कार्यक्रम के तहत छात्रों के माध्यम से की जाने वाली गतिविधियों से मिलने वाली सीखों, रिपोर्ट के निर्माण और प्रेषण आदि के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि प्रेषित रिपोर्ट का मूल्यांकन राष्ट्रीय स्तर पर गठित जूरी द्वारा किया जायेगा और सर्वश्रेष्ट 20 विद्यालयों को सम्मानित किया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 20 विद्यालयों को 50,000 रु. की धनराशि और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर किया गया।
@samachar24news
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें