भगवान का अवतार ऋषि-मुनियों की रक्षा करने के लिए होता है: सतगुरू
कथा आचार्य ने भगवान राम की बाल लीला, अहिल्या उद्धार, ऋषि विश्वामित्र, पुष्प वाटिका आदि का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का अवतार ऋषि-मुनियों की रक्षा करने के लिए होता है। जब-जब पाप बढ़े हैं, तभी भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर अपने भक्तों को बचाया है। भगवान राम का अहिल्याबाई के प्रति उद्धार दर्शाता है कि भगवान कभी किसी का अहित नहीं होने देते है। सच्ची श्रद्धा भाव से किया गया भजन ही परमात्मा की भक्ति का हकदार बनाता है।
इस मौके पर बनवारी लाल दीक्षित, राम किशन दीक्षित, पंकज दीक्षित, दिग्विजय दीक्षित, यशोदा वार्ष्णेय , कमलेश शर्मा, अंशु वार्ष्णेय, शशिवाला वार्ष्णेय, सुशीला चौहान, अंजुरी देवी, राधा गुप्ता, जोगिंदर दीक्षित, अशोक दीक्षित, सुरेन्द्र दीक्षित मुनालाल दीक्षित, विशाल वार्ष्णेय, रोहित दीक्षित, चेतन शर्मा प्रदीप पचौरी, राकेश यादव, भोला यादव, अनिल शर्मा, विशाल राज, निशांत चौहान, निशांत उपाध्याय, गजेंद्र शर्मा, दुर्वेश पचौरी, बबलू आदि थे।

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