ट्रेन में मिली मृत महिला की नहीं हुई शिनाख्त
समाजसेवियों ने कराया अंतिम संस्कार
व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार का कार्य कर रही है। अज्ञात शव को एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में दाहसंस्कार किया गया। जिसके दाह संस्कार की व्यवस्था में एडीएचआर के पदाधिकारी महेश चंद्र अग्रवाल व अभिषेक अग्रवाल का पूर्णरूपेण सहयोग रहा।
गत 21 अक्टूबर को सिकंदराराऊ रेलवे स्टेशन पर रेल के अंदर एक महिला का शव पुलिस को मिला।महिला की उम्र 70 वर्ष थी। जीआरपी पुलिस द्वारा महिला के शिनाख्त के लिए काफी प्रयास किया गया लेकिन कोई पहचान नहीं हो सकी। महिला के बाल बहुत छोटे थे । उक्त महिला गुलाबी रंग का ब्लाउज , सफेद धोती लाल-काली छीटेदार , काला दुपट्टा पहने हुए थी उसके पास से एक कंबल भी मिला।जीआरपी पुलिस कासगंज द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा। शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को जीआरपी पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया। समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त शव का हिंदू रीति रिवाज दाह संस्कार किया।
अंतिम संस्कार में सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान ,प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स समाजसेवी सुनीत आर्या, आयोग दीपक ,बंटी भाई कपड़े वाले, रोमी ठाकुर, तरुण राघव, केशव देव अरोरा (डब्बू) , नरेश दिवाकर,जीआरपी कासगंज से कांस्टेबल अमित कुमार,कांस्टेबल रवि कुमार मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें