तहसील क्षेत्र के गांव खटूआ में आयोजित श्री राम कथा में व्यासपीठ आचार्य श्री गौरव कृष्ण पांडेय द्वारा प्रभु श्री राम जी की बहुत ही सुंदर राम कथा का मार्मिक वर्णन किया गया। श्री राम जानकी विवाह उत्सव एवं जानकी जी विदाई की मार्मिक कथा पर श्रोताओं की आंखों में अश्रु धारा बहने लगी। जानकी विवाह और विदाई की कथा सुनने के बाद श्रोता बहुत प्रभावित हुए और उनके मन में एक विशेष प्रकार की भावनाएं जागृत हुईं। यह कथा सुनने से लोगों के मन में भक्ति और श्रद्धा का भाव उत्पन्न हुआ।
श्री राम कथा में पहुंचे सासनी के पूर्व ब्लाक प्रमुख वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र सिंह सोलंकी, भाजपा जिला अध्यक्ष शरद माहेश्वरी, पूर्व ब्लाक प्रमुख सुमंत किशोर सिंह, ग्राम प्रधान संगठन के जिला उपाध्यक्ष बबलू सिसोदिया, समाजसेवी पूर्व सभासद चेतन शर्मा आदि गणमान्य प्रवुद्ध जनों ने व्यास पीठ आचार्य श्री गौरव कृष्ण पाण्डेय जी का शाल उड़ाकर व पटका पहनाकर आशीर्वाद लिया।
आचार्य गौरव कृष्ण पांडेय ने कहा कि सीता-राम का विवाह भक्त और भगवान का मिलन है। यहां सीता भक्त हैं और श्रीराम भगवान। उन्होंने विवाह महोत्सव की बड़े ही मनमोहक अंदाज में कथा का वाचन किया। उन्होंने सीता-राम विवाह की मनमोहक मिथिला के विवाह गीत की प्रस्तुति भी दी। महाराज ने कथा के दौरान धनुष यज्ञ पर विस्तार से कथा सुनायी। उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम के हाथों से धनुष टूटा, तो किसी ने धनुष से पूछा कि सीता-राम के विवाह में सभी खुश हैं, पर तुम तो बहुत दुःखी होगे। क्योंकि तुम्हें भगवान राम ने तोड़ कर धरती पर डाल दिया है। तब उस टूटे हुए धनुष ने जवाब दिया, मैं सबसे ज्यादा खुश हूं। क्योंकि हम जब तक जुड़े थे, तब तक दूसरे को तोड़ने का काम करते थे। देखो आज हम टूट कर भी सीता और राम को जोड़ने का काम कर रहे हैं। आज मेरे टूटने के कारण ही सीता और श्री रामचंद्र जुड़कर एक हो जायेंगे। फिर मेरा सौभाग्य तो देखो हम टूट कर भी भगवान राम के चरणों में पड़े हुये हैं। धनुष यज्ञ के बाद कथा व्यास ने अयोध्या से मिथिला के लिए महाराज दशरथ का सभी बारातियों के साथ प्रस्थान से लेकर मिथिला पहुंचने तक की कथा का भी बहुत ही रोचक एवं सरस अंदाज में वर्णन किया।
सीता की विदाई प्रसंग कहते हुये कहा कि सीता की विदाई पर राजा जनक और रानी सुनैना आंसू नहीं रोक पा रहे थे। सीता विदाई का वर्णन सुनकर श्रद्धालुओं की भी आंखें भर गयीं।
आयोजक विशाल चौहान व हृदेश चौहान द्वारा आगंतुक अतिथियों का पटका पहनाकर एवं प्रभु श्री राम जी का छवि चित्र देकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर जयपाल सिंह, बसंत चौहान, ओंकार सिंह आदि मौजूद थे।
@samachar24news

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें